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जम्मू-कश्मीर को भी मिले विशेष दर्जा : उपमुख्यमंत्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बरवाल में स्थापित की जा रही औद्योगिक इकाइयों का मामला गर्माने के बाद गांव में पहुंचे उप-मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने की वकालत की है।
सुरिंदर चौधरी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार 11 राज्यों को उनके युवाओं के रोजगार और भूमि को सुरक्षित रखने के लिए स्पेशल स्टेटस दे सकती है, तो जम्मू-कश्मीर को क्यों नहीं? उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का विशेष दर्जा टूटने के बाद ही प्रदेश में बाहरी लोगों की मनमानी बढ़ी है। केंद्र की ओर जारी औद्योगिक इनसेंटिव के लिए ही उद्योगपति राज्य में प्रवेश करते हैं और इनसेंटिव लेकर कठुआ से ही वापस चले जाते हैं। ऐसे में राज्य का स्पेशल स्टेटस ही इसकी रोकथाम और जबावदेही तय कर सकता है। उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की शुरुआत भी कठुआ से ही होगी।
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कठुआ। बरवाल में स्थापित की जा रही औद्योगिक इकाइयों का मामला गर्माने के बाद गांव में पहुंचे उप-मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने की वकालत की है।
सुरिंदर चौधरी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार 11 राज्यों को उनके युवाओं के रोजगार और भूमि को सुरक्षित रखने के लिए स्पेशल स्टेटस दे सकती है, तो जम्मू-कश्मीर को क्यों नहीं? उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का विशेष दर्जा टूटने के बाद ही प्रदेश में बाहरी लोगों की मनमानी बढ़ी है। केंद्र की ओर जारी औद्योगिक इनसेंटिव के लिए ही उद्योगपति राज्य में प्रवेश करते हैं और इनसेंटिव लेकर कठुआ से ही वापस चले जाते हैं। ऐसे में राज्य का स्पेशल स्टेटस ही इसकी रोकथाम और जबावदेही तय कर सकता है। उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की शुरुआत भी कठुआ से ही होगी।
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