हीरानगर। करोल कृष्णा गांव में रविवार को बॉर्डर यूनियन की बैठक हुई। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से दो किलोमीटर तक की दूरी तक रहने वालों को आरक्षण में प्राथमिकता की मांग की।
रविवार को भारत भूषण ने कहा कि आईबी से सटे लोगों को आरक्षण देने के लिए सरकार ने 6 किलोमीटर तक की दूरी तय की है। वास्तविकता में जो परेशानियां गोलाबारी के दौरान जीरो लाइन पर रहने वाले लोगों को सहनी पड़ती है वह किसी और को नहीं। उन्होंने कहा हम जीरो से 6 किलोमीटर की दूरी में आने वाले लोगों के आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं। सरकार से यह मांग करते हैं कि आरक्षण में जीरो लाइन पर बसे लोगों के बच्चों को प्राथमिकता पर आरक्षण का प्रावधान किया जाए। गोलाबारी के दौरान इसी क्षेत्र के लोगों के घरों को नुकसान होता है, फसलों का नुकसान होता है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। जीरो से 2 किलोमीटर की पट्टी में रहने वाले बच्चे 3 से 6 किलोमीटर में रहने वाले बच्चों से शिक्षा के स्तर पर मुकाबला नहीं कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बॉर्डर के लोगों के लिए बीएडीपी के तहत बनाई योजनाओं का भी लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल रहा है। अजीत कुमार, कुलदीप राज, रतनलाल आदि इस बैठक में मौजूद रहे।