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Kathua News: प्राथमिक उपचार केंद्र रामकोट में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग
Tue, 22 Apr 2025 02:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 22 Apr 2025 02:06 AM IST
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रामकोट। प्राथमिक उपचार केंद्र रामकोट में पिछले कई वर्षों से चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। इस कारण अस्पताल में पहुंच रहे स्थानीय और दूरदराज के इलाकों के लोग इलाज के अभाव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
मौजूदा समय में अस्पताल में 3 एमबीबीएस डॉक्टर, एक फीमेल हेल्थ फिजिकल वर्कर, एक लैब टेक्नीशियन, एक जूनियर हेल्थ इंस्पेक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक हेल्थ एजुकेटर के पद खाली पड़े हैं। इसके साथ अस्पताल में कोई भी सफाई वाला नहीं है। जिनके अस्पताल में नहीं होने के कारण इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे लोगों को उचित स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्थानीय कस्बा वासियों ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पड़े पदों को नहीं भरे जाने से अस्पताल में पहुंच रहे लोग असुविधाओं का शिकार हो रहे हैं। तहसील रामकोट के साथ तहसील मजालता, तहसील रामनगर, तहसील डिंगा अम्ब और तहसील सांबा के विभिन्न इलाकों के हजारों लोग स्वास्थ्य संबंधी इलाज के लिए नजदीकी प्राथमिक उपचार केंद्र रामकोट पर निर्भर हैं। मगर अस्पताल में कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं होने के कारण लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय नीरज कुमार, संतोष कुमारी, मोहिनी देवी, मोहन लाल आदि ने बताया कि अस्पताल में आ रहे मरीजों को सुविधा नहीं मिल पाने के कारण 40 किलोमीटर दूर उप जिला अस्पताल बिलावर या 60 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल कठुआ में अपने इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। लोग अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते 100 किलोमीटर दूर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू जाना ही बेहतर समझते हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कठुआ ने बताया कि जिला के विभिन्न प्राथमिक उपचार केंद्रों में रिक्त पड़े पदों का उन्होंने सेक्रेटेरियेट जम्मू में भेज दिया है। संवाद
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मौजूदा समय में अस्पताल में 3 एमबीबीएस डॉक्टर, एक फीमेल हेल्थ फिजिकल वर्कर, एक लैब टेक्नीशियन, एक जूनियर हेल्थ इंस्पेक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक हेल्थ एजुकेटर के पद खाली पड़े हैं। इसके साथ अस्पताल में कोई भी सफाई वाला नहीं है। जिनके अस्पताल में नहीं होने के कारण इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे लोगों को उचित स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्थानीय कस्बा वासियों ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पड़े पदों को नहीं भरे जाने से अस्पताल में पहुंच रहे लोग असुविधाओं का शिकार हो रहे हैं। तहसील रामकोट के साथ तहसील मजालता, तहसील रामनगर, तहसील डिंगा अम्ब और तहसील सांबा के विभिन्न इलाकों के हजारों लोग स्वास्थ्य संबंधी इलाज के लिए नजदीकी प्राथमिक उपचार केंद्र रामकोट पर निर्भर हैं। मगर अस्पताल में कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं होने के कारण लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय नीरज कुमार, संतोष कुमारी, मोहिनी देवी, मोहन लाल आदि ने बताया कि अस्पताल में आ रहे मरीजों को सुविधा नहीं मिल पाने के कारण 40 किलोमीटर दूर उप जिला अस्पताल बिलावर या 60 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल कठुआ में अपने इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। लोग अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते 100 किलोमीटर दूर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू जाना ही बेहतर समझते हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कठुआ ने बताया कि जिला के विभिन्न प्राथमिक उपचार केंद्रों में रिक्त पड़े पदों का उन्होंने सेक्रेटेरियेट जम्मू में भेज दिया है। संवाद
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