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अब करणी सेना ने उठाई महाराजा की जयंती पर अवकाश की मांग
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कठुआ। महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश की घोषणा किए जाने की मांग को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने फिर से दोहराया है। इसके लिए उन्होंने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया।
प्रेसवार्ता में करणी सेना जम्मू कश्मीर के प्रदेश उपाध्यक्ष बबलू सिंह जसरोटिया ने कहा कि 23 सितंबर को होने वाले महाराजा के जन्मदिवस पर अवकाश घोषित किए जाने की डोगरा समाज लंबे समय से मांग करता आ रहा है। लेकिन, अब तक की सरकारों ने इस मांग को कभी गंभीरता से नहीं लिया। महाराजा हरि सिंह केवल जम्मू कश्मीर के राजा ही नहीं, अपितु एक धैर्यवान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने प्रदेश में 1925 से 1948 तक शासन करते हुए कई सुधार किए।
उन्होंने कहा कि महाराजा के विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद ही जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा बना। अपने शासन काल के दौरान उन्होंने प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग की स्थापना की। वर्ष 1938 में जेएंडके बैंक को स्थापित किया। इसके अलावा हाईकोर्ट और बच्चों की प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने में उनका योगदान कभी भूला नहीं जा सकता। उन्होंने समाज में व्याप्त छूआछूत और सती प्रथा को समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
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महाराजा की उपलब्धियां गिनाने के बाद उपाध्यक्ष ने कहा कि उनके काम के आधार पर ही आम नागरिक उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। इसी कारण वे लगातार उनकी जयंती पर अवकाश घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं। सरकार से पुन: मांग है कि प्रदेश में महाराजा हरि सिंह के जन्मदिन पर छुट्टी घोषित करें। अगर सरकार ने डोगरा समाज की मांग को अनदेखा किया, तो यह भेदभाव व अन्याय श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना सहन नहीं करेगा। प्रेस वार्ता में करणी सेना जम्मू कश्मीर के युवा उपाध्यक्ष भोपिल प्रताप सिंह, जिला महामंत्री कठुआ राजिंदर सिंह, मीडिया इंचार्ज राजेश सिंह, राजवीर सिंह, आदि मौजूद रहे।
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प्रेसवार्ता में करणी सेना जम्मू कश्मीर के प्रदेश उपाध्यक्ष बबलू सिंह जसरोटिया ने कहा कि 23 सितंबर को होने वाले महाराजा के जन्मदिवस पर अवकाश घोषित किए जाने की डोगरा समाज लंबे समय से मांग करता आ रहा है। लेकिन, अब तक की सरकारों ने इस मांग को कभी गंभीरता से नहीं लिया। महाराजा हरि सिंह केवल जम्मू कश्मीर के राजा ही नहीं, अपितु एक धैर्यवान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने प्रदेश में 1925 से 1948 तक शासन करते हुए कई सुधार किए।
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उन्होंने कहा कि महाराजा के विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद ही जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा बना। अपने शासन काल के दौरान उन्होंने प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग की स्थापना की। वर्ष 1938 में जेएंडके बैंक को स्थापित किया। इसके अलावा हाईकोर्ट और बच्चों की प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने में उनका योगदान कभी भूला नहीं जा सकता। उन्होंने समाज में व्याप्त छूआछूत और सती प्रथा को समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
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महाराजा की उपलब्धियां गिनाने के बाद उपाध्यक्ष ने कहा कि उनके काम के आधार पर ही आम नागरिक उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। इसी कारण वे लगातार उनकी जयंती पर अवकाश घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं। सरकार से पुन: मांग है कि प्रदेश में महाराजा हरि सिंह के जन्मदिन पर छुट्टी घोषित करें। अगर सरकार ने डोगरा समाज की मांग को अनदेखा किया, तो यह भेदभाव व अन्याय श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना सहन नहीं करेगा। प्रेस वार्ता में करणी सेना जम्मू कश्मीर के युवा उपाध्यक्ष भोपिल प्रताप सिंह, जिला महामंत्री कठुआ राजिंदर सिंह, मीडिया इंचार्ज राजेश सिंह, राजवीर सिंह, आदि मौजूद रहे।