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आज धूमधाम से मनाया जाएगा दीपों का त्योहार
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कठुआ। देश सहित जिले में दीपों का पर्व दीपावली पारंपरिक एवं हर्षोल्लास के साथ रविवा को मनाया जाएगा। इसके लिए जिलावासियों ने भी पूरी तैयारियां की हैं। घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बाजारों, सरकारी इमारतों और चौक-चौराहों पर विशेष सजावट की गई है। इस शुभ दिन प्रतिष्ठानों और घरों में मां लक्ष्मी और गणेश की आराधना करके सुख समृद्धि की कामना की जाएगी। पूजा-अर्चना के बाद आतिशबाजी का जमकर मजा लिया जाएगा। देर रात तक लोग दिवाली के जश्न में डूबे रहेंगे।
शनिवार को बाजारों में काफी चहल पहल रही। सभी वर्ग के लोगों ने मिठाइयों, पटाखों की जमकर खरीदारी की। बाजार में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध होने के चलते रामलीला मैदान के पास नगर परिषद कार्यालय परिसर में ही पटाखा बिक्री हुई। इस कारण देर रात तक बाजारों में खासी रौनक रही। रेडिमेड गारमेंट दुकान के मालिक विकास शर्मा ने बताया कि दिवाली के मौके पर बड़ी संख्या में लोग नए कपड़े खरीदने के लिए निकलते हैं और चूंकि दिवाली की छुट्टियां हैं। ऐसे में सुबह से लोग खरीदारी के लिए आ रहे हैं। कारोबारी काफी खुश हैं। पटाखा विक्रेता बंटी ने बताया कि इस बार अच्छा कारोबार होने का अनुमान है।
101 पर दें हादसे की सूचना
जिले में अग्निशन विभाग अलर्ट है। अग्निशमन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आरके रैना ने लोगों से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील की। वहीं, किसी भी दुर्घटना या फिर आग संबंधी सूचना 101 पर देने की अपील की।
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आतिशबाजी के प्रदूषण से मिलेंगी बीमारियां
रोशनी के पर्व दीपावली पर करोड़ों रुपये की आतिशबाजी की जाती है। जश्न से इतर आतिशबाजी से पर्यावरण में प्रदूषण भी बढ़ जाता है। जमीन और हवा में पटाखों से निकलने वाले कई तरह के जहरीले केमिकल सेहत को बिगाड़ेंगे। वायु और ध्वनि प्रदूषण अस्थमा और अन्य सांस संबंधी मरीजों के लिए आफत लेकर आएगा। कुछ घंटों में लाखों की तादाद में फूटने वाले पटाखों से निकलने वाले प्रदूषण का असर कई दिन तक रहेगा। इसमें शारीरिक रूप से कमजोर बुजुर्ग और बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। आतिशबाजी से हवा में कार्बन डायऑक्साइड, फासफोरस, कार्बन मोनोऑक्साइड सहित अन्य केमिकल फैलेंगे। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मोहेंद्र लाल के अनुसार आतिशबाजी के कारण हवा में जहरीले केमिकल मिलने से ब्रोंकाइटिस (खांसी), एलर्जी रिनटिक (नाक संबंधी एलर्जी), क्रानिक अबस्ट्रटिव (हवा संबंधी रोग) बढ़ते हैं। हरियाली के अभाव में शहरी इलाकों में इसका प्रभाव अधिक रहेगा। इसमें अस्थमा का अटैक होने की आशंका बढ़ जाती है।
लक्षण
- एलर्जी होने पर नाक से पानी बहना
- खांसी न रुकना
- थोड़ा चलने पर सांस का फूल जाना
- बुखार की शिकायत होना
- शरीर के कई हिस्सों में दर्द रहना
बचाव
- पटाखे चलाने से परहेज करें
- अगर चलाने हैं तो थोड़े और खुले स्थान पर चलाएं
- चलाते समय मुंह पर मास्क या कपड़ा बांध लें
- अपनी देखरेख में ही बच्चों को पटाखे चलाने दें
- पानी और रेत को पास रखकर ही पटाखे चलाएं
बारिश न होने से बढ़ेंगी दिक्कतें
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार दिवाली पर अधिकतर मौसम साफ रहेगा। पिछले करीब एक हफ्ते से बारिश न होने से सूखी सर्दी जोर पकड़ेगी। दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी के बाद अगर बारिश नहीं होती है तो प्रदूषण का असर अगले पंद्रह दिन तक रहेगा। इससे हवा में प्रदूषण रहने से कई तरह की वायरल बीमारियां पनपेंगी। इसमें एलर्जी से लोग ज्यादा पीड़ित होंगे। बारिश होने से हवा में रहने वाला प्रदूषण काफी हद तक खत्म हो जाता है।
कल विश्वकर्मा दिवस
दिवाली के दूसरे दिन सोमवार को संभाग में विश्वकर्मा दिवस पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस खास दिन लोहे सहित अन्य औजारों की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि मांगी जाएगी। लोहे से जुड़े तमाम कारोबार बंद रहेंगे। भगवान विश्वकर्मा मंदिर सहित अन्य स्थानों पर भंडारे लगाए जाएंगे।
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शनिवार को बाजारों में काफी चहल पहल रही। सभी वर्ग के लोगों ने मिठाइयों, पटाखों की जमकर खरीदारी की। बाजार में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध होने के चलते रामलीला मैदान के पास नगर परिषद कार्यालय परिसर में ही पटाखा बिक्री हुई। इस कारण देर रात तक बाजारों में खासी रौनक रही। रेडिमेड गारमेंट दुकान के मालिक विकास शर्मा ने बताया कि दिवाली के मौके पर बड़ी संख्या में लोग नए कपड़े खरीदने के लिए निकलते हैं और चूंकि दिवाली की छुट्टियां हैं। ऐसे में सुबह से लोग खरीदारी के लिए आ रहे हैं। कारोबारी काफी खुश हैं। पटाखा विक्रेता बंटी ने बताया कि इस बार अच्छा कारोबार होने का अनुमान है।
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101 पर दें हादसे की सूचना
जिले में अग्निशन विभाग अलर्ट है। अग्निशमन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आरके रैना ने लोगों से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील की। वहीं, किसी भी दुर्घटना या फिर आग संबंधी सूचना 101 पर देने की अपील की।
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आतिशबाजी के प्रदूषण से मिलेंगी बीमारियां
रोशनी के पर्व दीपावली पर करोड़ों रुपये की आतिशबाजी की जाती है। जश्न से इतर आतिशबाजी से पर्यावरण में प्रदूषण भी बढ़ जाता है। जमीन और हवा में पटाखों से निकलने वाले कई तरह के जहरीले केमिकल सेहत को बिगाड़ेंगे। वायु और ध्वनि प्रदूषण अस्थमा और अन्य सांस संबंधी मरीजों के लिए आफत लेकर आएगा। कुछ घंटों में लाखों की तादाद में फूटने वाले पटाखों से निकलने वाले प्रदूषण का असर कई दिन तक रहेगा। इसमें शारीरिक रूप से कमजोर बुजुर्ग और बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। आतिशबाजी से हवा में कार्बन डायऑक्साइड, फासफोरस, कार्बन मोनोऑक्साइड सहित अन्य केमिकल फैलेंगे। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मोहेंद्र लाल के अनुसार आतिशबाजी के कारण हवा में जहरीले केमिकल मिलने से ब्रोंकाइटिस (खांसी), एलर्जी रिनटिक (नाक संबंधी एलर्जी), क्रानिक अबस्ट्रटिव (हवा संबंधी रोग) बढ़ते हैं। हरियाली के अभाव में शहरी इलाकों में इसका प्रभाव अधिक रहेगा। इसमें अस्थमा का अटैक होने की आशंका बढ़ जाती है।
लक्षण
- एलर्जी होने पर नाक से पानी बहना
- खांसी न रुकना
- थोड़ा चलने पर सांस का फूल जाना
- बुखार की शिकायत होना
- शरीर के कई हिस्सों में दर्द रहना
बचाव
- पटाखे चलाने से परहेज करें
- अगर चलाने हैं तो थोड़े और खुले स्थान पर चलाएं
- चलाते समय मुंह पर मास्क या कपड़ा बांध लें
- अपनी देखरेख में ही बच्चों को पटाखे चलाने दें
- पानी और रेत को पास रखकर ही पटाखे चलाएं
बारिश न होने से बढ़ेंगी दिक्कतें
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार दिवाली पर अधिकतर मौसम साफ रहेगा। पिछले करीब एक हफ्ते से बारिश न होने से सूखी सर्दी जोर पकड़ेगी। दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी के बाद अगर बारिश नहीं होती है तो प्रदूषण का असर अगले पंद्रह दिन तक रहेगा। इससे हवा में प्रदूषण रहने से कई तरह की वायरल बीमारियां पनपेंगी। इसमें एलर्जी से लोग ज्यादा पीड़ित होंगे। बारिश होने से हवा में रहने वाला प्रदूषण काफी हद तक खत्म हो जाता है।
कल विश्वकर्मा दिवस
दिवाली के दूसरे दिन सोमवार को संभाग में विश्वकर्मा दिवस पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस खास दिन लोहे सहित अन्य औजारों की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि मांगी जाएगी। लोहे से जुड़े तमाम कारोबार बंद रहेंगे। भगवान विश्वकर्मा मंदिर सहित अन्य स्थानों पर भंडारे लगाए जाएंगे।