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गढ़ मेला स्थगित, परंपरा निभाने के लिए की जाएगी पूजा-अर्चना
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कठुआ। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की सरहद पर वीरवार 17 सिंतबर को होने वाला गढ़ मेला स्थगित कर दिया गया है। माता के दर माथा टेकने के लिए हिमाचल के चंबा और जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से हर साल हजारों की संख्या में भक्त माथा टेकने पहुंचते थे। इस बार कोरोना महामारी के कारण कमेटी ने मेला न करवाने का फैसला लिया है। लिहाजा भक्तों को घरों में ही रहकर पूजा-अर्चना करने की अपील की गई है। हालांकि वार्षिक परंपरा के अनुसार सीमित भक्तों की मौजूदगी में पूजन की परंपरा को निभाया जाएगा।
बीते वर्ष मंदिर में मां के दर्शन के लिए 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। ऐसे में हिमाचल प्रशासन ने सामुदायिक संक्रमण बढ़ने के खतरे को देखते हुए इस बार मेले की अनुमति नहीं दी।
हर साल दोनों राज्यों की ओर से मेले का आयोजन करने वाली कमेटी भक्तों के लिए इंतजाम करती है। दूरदराज इलाकों से पैदल चलकर भक्त माता के दरबार ढोल की थाप पर नाचते-गाते मंदिर पहुंचते हैं। बनी की ओर से गढ़ माता के लिए लगभग छह से सात घंटे का पैदल सफर तय करना पड़ता है। दूरदराज इलाके के इस मंदिर के बाद हिमाचल का इलाका शुरू हो जाता है। हिमाचल की ओर मंदिर के लिए सड़क संपर्क नजदीक ही है।
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एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने बताया कि चंबा के एडीसी से हुई बातचीत में साफ हुआ है कि कोरोना महामारी के कारण प्रशासन इस बार मेले की अनुमति नहीं दे रहा है। ऐसे में बनी की ओर से भी इंतजाम नहीं किए जाएंगे और भक्तों को भी अपील की गई है कि वे घरों में ही रहकर प्रार्थना करें।
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बीते वर्ष मंदिर में मां के दर्शन के लिए 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। ऐसे में हिमाचल प्रशासन ने सामुदायिक संक्रमण बढ़ने के खतरे को देखते हुए इस बार मेले की अनुमति नहीं दी।
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हर साल दोनों राज्यों की ओर से मेले का आयोजन करने वाली कमेटी भक्तों के लिए इंतजाम करती है। दूरदराज इलाकों से पैदल चलकर भक्त माता के दरबार ढोल की थाप पर नाचते-गाते मंदिर पहुंचते हैं। बनी की ओर से गढ़ माता के लिए लगभग छह से सात घंटे का पैदल सफर तय करना पड़ता है। दूरदराज इलाके के इस मंदिर के बाद हिमाचल का इलाका शुरू हो जाता है। हिमाचल की ओर मंदिर के लिए सड़क संपर्क नजदीक ही है।
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एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने बताया कि चंबा के एडीसी से हुई बातचीत में साफ हुआ है कि कोरोना महामारी के कारण प्रशासन इस बार मेले की अनुमति नहीं दे रहा है। ऐसे में बनी की ओर से भी इंतजाम नहीं किए जाएंगे और भक्तों को भी अपील की गई है कि वे घरों में ही रहकर प्रार्थना करें।