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जीएमसी कठुआ में अल्ट्रा साउंड की सुविधा के नाम पर मिली रही तारीख पर तारीख

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Date on date received in the name of ultra sound facility in GMC Kathua
कठुआ। जिला भर से बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर जीएमसी कठुआ पहुंचने वाले मरीजों को आज भी यहां मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तारीख दर तारीख इंतजार करना नियति बन गया है। जिसके कारण लोगों को सरकार द्वारा जिला में लोगों को इतना बड़ा स्वास्थ्य संस्थान दिए जाने के बाद अपने उपचार के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना मजबूरी बना हुआ है।
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बात करें जीएमसी में मिलने वाली अल्ट्रा साउंड सुविधा की तो अस्पताल में जांच करवाने के लिए आने वाले मरीजों को तुरंत जांच करने के बजाए एक से डेढ़ माह की तारीखें दी जा रही है। करीब चार वर्ष पूर्व अस्तित्व में आए जीएमसी के शुरू होने पर लोगों को इससे बहुत उम्मीद थी, लेकिन इतना लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी यहां आने वाले मरीजों को डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की भीड़ तो दिखाई देती लेकिन बेहतर उपचार नही। जिसका सबूत यहां से आए दिन रेफर होने वाले मरीजों की संख्या से लगाया जा सकता है।
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मंगलवार को पेट में दर्द की समस्या लेकर जीएमसी कठुआ पहुंची प्रीति देवी को डॉक्टरों ने अल्ट्रा साउंड जांच के लिए लिखा। लेकिन अस्पताल में जांच के नाम पर उन्हें 17 दिसंबर को आने के लिए डेट दे दी गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टर द्वारा जल्द जांच करवाने के लिए कहे जाने के बाद अब उन्हें मजबूरन किसी निजी अस्पताल से अपनी जांच करवानी होगी। वहीं देवो रानी को 23 दिसंबर की डेट दिए जाने पर उसके परिजनों ने कहा कि लगता है कि उन्हें अपना इलाज भी निजी अस्पताल में करवाना पड़ेगा। क्योंकि अगर अल्ट्रा साउंड जैसी प्राथमिक जांच जैसी सुविधा नही मिल पा रही है। तो उपचार की उम्मीद करना भी बेमानी है।
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अपने पिता का उपचार करवाने के लिए जीएमसी कठुआ पहुंचे मुकेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में आज तक हड्डियों के रोगियों के लिए बेहतर उपचार नही है। किसी की हाथ अथवा पैर की सामान्य हड्डी टूट जाने पर भी उन्हें रेफर कर दिया जा रहा है। अगर लोगों को ऐसे ही उपचार लेना है तो करोड़ों का फंड खर्च कर जीएमसी बनाए जाने का क्या औचित्य है।

इस संबंध में जीएमसी कठुआ की प्रधानाचार्य अंजलि नादिर भट्ट का कहना है कि अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण उक्त समस्या पिछले काफी समय से चली आ रही है। इस बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को लिखा भी गया है। जहां से नए रेडियोलाजिस्ट की भर्ती करने के लिए अनुमति भी मिली है। नए सृजित पदों को भरने के लिए विज्ञापन भी निकाला गया लेकिन अब तक कोई आवेदन नही प्राप्त हुआ जिसके कारण समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पदों को भरने के लिए एक बार फिर विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा।
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