{"_id":"6255ca1c4b25d834720d9b32","slug":"cultural-kathua-news-jmu257620788","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच हजार भक्तों के ठहरने का कठुआ में होगा प्रबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच हजार भक्तों के ठहरने का कठुआ में होगा प्रबंध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों के लिए इस बार प्रदेश में व्यापक स्तर पर इंतजाम किया जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में दाखिल होने वाले भक्तों के लिए कठुआ जिले में ही व्यवस्था को कई गुणा बढ़ा दिया गया है। पूर्व में जहां एक से डेढ़ हजार भक्तों के ठहराव का इंतजाम किया जाता रहा है, वहीं इस बार प्रशासन ने अभी से 5000 से ज्यादा भक्तों को कठुआ में ठहराने के प्रबंध किए हैं। इसके साथ ही लखनपुर में बिजली, पानी, यात्रा रिसेप्शन सेंटर, आरएफआईडी टैगिंग व हाईवे पर शौचालयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
सहार खड्ड के नजदीक बनाए गए ट्रांजिट कैंप का भले ही अब तक इस्तेमाल न हुआ हो, लेकिन दो साल बाद हो रही यात्रा में भक्तों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए पर्यटन विभाग भी इसकी फेसलिफ्टिंग को लेकर काम करने में जुटा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलहाल उस पर पांच लाख रुपये तक खर्च आने का अनुमान है। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए अग्रिम पंजीकरण सोमवार से शुरू हो गया है। कोरोना महामारी के कारण दो साल 2020 और 2021 में यात्रा स्थगित रही थी। ऐसे में इस बार भक्तों में भारी उत्साह है। जिले में भी भक्तों ने बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मेडिकल जांच प्रमाणपत्र बनवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीएमसी कठुआ और सीएचसी हीरानगर में डॉक्टरों को अधिकृत किया गया है। बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है। यात्रा का समापन 11 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन होगा। यात्रा के लिए प्रदेश के प्रवेश जिले कठुआ में भी इंतजाम किए जा रहे हैं। डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि श्री अमरनाथ यात्रा किसी भी कारण से रुकने की स्थिति में कठुआ जिले में पांच हजार भक्तों को रोके जाने का प्रबंध है। इसके लिए सरकारी इमारतों और मंदिरों को चिह्नित कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहार खड्ड के नजदीक बनाए गए ट्रांजिट कैंप का भले ही अब तक इस्तेमाल न हुआ हो, लेकिन दो साल बाद हो रही यात्रा में भक्तों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए पर्यटन विभाग भी इसकी फेसलिफ्टिंग को लेकर काम करने में जुटा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलहाल उस पर पांच लाख रुपये तक खर्च आने का अनुमान है। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए अग्रिम पंजीकरण सोमवार से शुरू हो गया है। कोरोना महामारी के कारण दो साल 2020 और 2021 में यात्रा स्थगित रही थी। ऐसे में इस बार भक्तों में भारी उत्साह है। जिले में भी भक्तों ने बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन
मेडिकल जांच प्रमाणपत्र बनवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीएमसी कठुआ और सीएचसी हीरानगर में डॉक्टरों को अधिकृत किया गया है। बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है। यात्रा का समापन 11 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन होगा। यात्रा के लिए प्रदेश के प्रवेश जिले कठुआ में भी इंतजाम किए जा रहे हैं। डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि श्री अमरनाथ यात्रा किसी भी कारण से रुकने की स्थिति में कठुआ जिले में पांच हजार भक्तों को रोके जाने का प्रबंध है। इसके लिए सरकारी इमारतों और मंदिरों को चिह्नित कर लिया गया है।
विज्ञापन