{"_id":"5fb6b9cf8ebc3e9b8d708a16","slug":"cultural-kathua-news-jmu223093759","type":"story","status":"publish","title_hn":"छठ महापर्व पर पूजा सामग्री से पटीं दुकानें, जमकर हुई खरीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छठ महापर्व पर पूजा सामग्री से पटीं दुकानें, जमकर हुई खरीदारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को मनाए जाने वाले छठ महापर्व का शुभारंभ हो गया है। बुधवार से शुरू हुए इस पर्व को लेकर शहर से सटे औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दौरान रेलवे रोड पर लगी अस्थायी दुकानों पर पूजा का सामान लेने के लिए दिन भर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। इसके चलते मेले जैसा माहौल देखने को मिला। दुकानों पर महिलाएं फलों के साथ सूप और और बांस से बनी टोकरी, गन्ना, मूली व अन्य सामग्री खरीदने में व्यस्त दिखीं।
व्रती श्रद्धालु पुष्पा प्रजापति ने पर्व के संबंध में बताया कि बुधवार को नहाए खाए के साथ व्रत शुरू हुआ है। इसमें सुबह गुड से बनी खीर के अलावा दूध और चावल से बना सात्विक भोजन ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने व्रत शुरू किया। वीरवार को खरना हुआ है। इसके बाद शुक्रवार को अस्त होते सूर्य देव को अर्ध्य दिया जाएगा और शनिवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के उपरांत सभी व्रती महिलाओं का व्रत पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इस पर्व पर व्रती महिलाएं भगवान भास्कर के साथ उनकी बहन छठी मैय्या का पूजन करती हैं।
वहीं, छठ पर्व पर शहर के बरमोरा में नहर के किनारे होने वाले धार्मिक आयोजन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साफ-सफाई के साथ वहां बने भगवान सूर्य के प्रतीकों को सजाया संवारा जा रहा है। इस काम की देखरेख कर रहे चिनाब टेक्सटाइल मिल के कर्मचारियों का कहना है कि हर वर्ष होने वाले इस कार्यक्रम में सभी व्यवस्था उनकी मिल की ओर से की जाती है, ताकि यहां अर्ध्य देने के लिए हजारों की संख्या में अपने परिवार सहित आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस बार कोरोना को मद्देनजर रखते हुए यहां किसी तरह के कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा, लेकिन भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की परंपरा को हर साल की तरह ही निभाया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
व्रती श्रद्धालु पुष्पा प्रजापति ने पर्व के संबंध में बताया कि बुधवार को नहाए खाए के साथ व्रत शुरू हुआ है। इसमें सुबह गुड से बनी खीर के अलावा दूध और चावल से बना सात्विक भोजन ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने व्रत शुरू किया। वीरवार को खरना हुआ है। इसके बाद शुक्रवार को अस्त होते सूर्य देव को अर्ध्य दिया जाएगा और शनिवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के उपरांत सभी व्रती महिलाओं का व्रत पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इस पर्व पर व्रती महिलाएं भगवान भास्कर के साथ उनकी बहन छठी मैय्या का पूजन करती हैं।
विज्ञापन
वहीं, छठ पर्व पर शहर के बरमोरा में नहर के किनारे होने वाले धार्मिक आयोजन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साफ-सफाई के साथ वहां बने भगवान सूर्य के प्रतीकों को सजाया संवारा जा रहा है। इस काम की देखरेख कर रहे चिनाब टेक्सटाइल मिल के कर्मचारियों का कहना है कि हर वर्ष होने वाले इस कार्यक्रम में सभी व्यवस्था उनकी मिल की ओर से की जाती है, ताकि यहां अर्ध्य देने के लिए हजारों की संख्या में अपने परिवार सहित आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस बार कोरोना को मद्देनजर रखते हुए यहां किसी तरह के कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा, लेकिन भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की परंपरा को हर साल की तरह ही निभाया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
विज्ञापन