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आज होगा चांद का दीदार, महिलाएं रखेंगी निर्जल-निराहार व्रत
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कठुआ। करवाचौथ पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कपड़ों से लेकर श्रृंगार के सामान और पारंपरिक पकवानों की जमकर खरीदारी की गई है। त्योहारों पर बाजार की रौनक भी देखते ही बनती है। करवा चौथ पर महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखना है। महिलाएं पौराणिक कथाओं का अनुसरण कर इस त्यौहार को मनाएंगी। रात को चांद के दीदार के साथ और पति के हाथों से पानी ग्रहण कर महिलाएं व्रत को पूरा करेंगी। मंगलवार को भी करवाचौथ की तैयारियों के लिए शहर के बाजार गुलजार रहे। इसके साथ ही महिलाओं ने तरह-तरह की मेहंदी के डिजाइन भी लगवाए। महिलाओं की सबसे अधिक भीड़ मेंहदी के स्टॉल पर देखने को मिली। मेहंदी लगाने के लिए विशेष तौर से दूसरे राज्यों से आने वाले कारीगरों ने बताया कि करवाचौथ पर अच्छी खासी कमाई हो जाती है। शादियों के मौसम ने इस पर सोने पर सुहागा वाला काम किया है। बाजार में फेनियों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाए गए हैं। करवा चौथ के इस पारंपरिक पकवान को सुबह सर्गी के समय प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद पूरा दिन शादीशुदा महिलाएं निर्जल और निराहार रहकर व्रत रखेंगी।
करवाचौथ पर महंगाई की मार
इस बार करवा चौथ पर महंगाई का वार साफ देखा जा सकता है। कोरोना के चलते जहां व्यापार और लोगों की आमदनी पर असर पड़ा है, वहीं महंगाई ने भी जमकर जोर पकड़ा है। फेनियों की खरीदारी करने आई महिलाओं ने बताया कि इस बार फेनियों के भाव आसमान छू रहे हैं। फेनियों की कीमत इस वर्ष सौ रुपये प्रति किलो से ढाई सौ रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं देसी घी की फेनियों की कीमत तीन सौ से पांच-छह सो रुपये प्रति किलो है, लेकिन त्यौहार का पारंपरिक पकवान होने के चलते इनकी खरीदारी हो रही है। ऐसे में दुकानदारों की भी चांदी है।
करवा चौथ के लिए देर शाम तक खरीदारी में जुटीं रहीं महिलाएं
हीरानगर। करवा चौथ पर्व से एक दिन पहले बाजारों में देर शाम तक रौनक बनी रही। कोरोना काल के बीच उम्मीद से ज्यादा लोग बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे। इससे दुकानदार भी काफी खुश दिखे। सुहागिनों और युवतियों की संख्या बाजार में सबसे ज्यादा रही। महिलाएं कहीं लंबी कतारों में मेहंदी लगाने का इंतजार करती दिखीं, तो कहीं चूड़ियां खरीदने की होड़ लगी रही। ब्यूटी पार्लरों पर भी भीड़ देखने को मिली। सब्जी और हलवाई की दुकानों पर भी इस रौनक देखने को मिली। हालांकि, बाजार में आई भीड़ कोरोना नियमावली को लेकर बेपरवाह दिखी। संवाद
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करवाचौथ पर महंगाई की मार
इस बार करवा चौथ पर महंगाई का वार साफ देखा जा सकता है। कोरोना के चलते जहां व्यापार और लोगों की आमदनी पर असर पड़ा है, वहीं महंगाई ने भी जमकर जोर पकड़ा है। फेनियों की खरीदारी करने आई महिलाओं ने बताया कि इस बार फेनियों के भाव आसमान छू रहे हैं। फेनियों की कीमत इस वर्ष सौ रुपये प्रति किलो से ढाई सौ रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं देसी घी की फेनियों की कीमत तीन सौ से पांच-छह सो रुपये प्रति किलो है, लेकिन त्यौहार का पारंपरिक पकवान होने के चलते इनकी खरीदारी हो रही है। ऐसे में दुकानदारों की भी चांदी है।
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करवा चौथ के लिए देर शाम तक खरीदारी में जुटीं रहीं महिलाएं
हीरानगर। करवा चौथ पर्व से एक दिन पहले बाजारों में देर शाम तक रौनक बनी रही। कोरोना काल के बीच उम्मीद से ज्यादा लोग बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे। इससे दुकानदार भी काफी खुश दिखे। सुहागिनों और युवतियों की संख्या बाजार में सबसे ज्यादा रही। महिलाएं कहीं लंबी कतारों में मेहंदी लगाने का इंतजार करती दिखीं, तो कहीं चूड़ियां खरीदने की होड़ लगी रही। ब्यूटी पार्लरों पर भी भीड़ देखने को मिली। सब्जी और हलवाई की दुकानों पर भी इस रौनक देखने को मिली। हालांकि, बाजार में आई भीड़ कोरोना नियमावली को लेकर बेपरवाह दिखी। संवाद
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