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औद्योगिक प्रदूषण और शहर की गंदगी से मछलियों की मौत

Thu, 16 Jun 2016 01:35 AM IST
अमर उजाला/कठुआ
अमर उजाला/कठुआ Updated Thu, 16 Jun 2016 01:35 AM IST
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fish death due to pollution
कुआनो नदी का पानी हुआ दूषित। - फोटो : रमेश मिश्र

खोख्याल के नजदीक वजू नाले में मछलियां मरने के मामले में मंगलवार से जांच कर रही मत्स्य पालन विभाग ने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी है। रिपोर्ट में साफ है कि सोमवार से जहां वजू में मिलने वाला नहर का पानी बंद हो चुका था, वहीं औद्योगिक प्रदूषण और शहर की गंदगी वजू नाले में गिरने से मछलियों की मौत हुई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है मछलियां कम मात्रा में और एक ही जगह पर मरी हुई पाई गई हैं। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने भी मौके का जायजा लिया।

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विभाग के जिला अधिकारी अंग्रेज सिंह ने साफ कहा ‌कि कारखाने के पानी को पहले ही मग्गर खड्ड की ओर डायवर्ट किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में संभावना नहीं है कि औद्योगिक प्रदूषण वजू नाले में मिला हो। उन्होंने कहा कि शहर की गंदगी वजू में मिलने के साथ ही नहर का पानी बंद होने से मछलियों की मौत की संभावना है। बहरहाल, बुधवार को नहर का पानी एक बार फिर छोड़ दिया गया, जिसके चलते मछलियों के मरने का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
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इससे पहले मंगलवार बाद दोपहर सूचना मिलते ही मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक पवन शर्मा के निर्देश पर टीम इंस्पेक्टर राहुल शर्मा की अध्यक्षता में खोख्याल पहुंची। सरपंच सहित स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर टीम ने मौका का जायजा लिया। बुधवार को भी टीम सदस्यों ने वजू में मछलियों के मरने के कारण की जांच की। इस संबंध में पूछे जाने पर मछली पालन विभाग के सहायक निदेशक ने बताया कि टीम ने जांच में पाया कि शहर और औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण से वजू में मछलियों की मौत हुई।
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वजू में पिछले साल भी लाखों की तादाद में जलीय जीवों के मरने के बाद इस बार फिर सामने आए मामले से में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासी नरेश कुमार ने कहा कि बीते साल भी विभागों ने मामले पर लीपापोती कर दी थी। न तो लोगों को स्थायी समाधान मिल पाया और न ही प्रभावितों को मुआवजा।


ऐसे में इस बार भी मामले में विभाग पल्ला झाड़ रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए जाने के साथ ही सदियों से बहने वाले वजू नाले के अस्तित्व को भी खतरा हो गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए इलाके के लोगों की रोजी के साथ पर्यावरण से खिलवाड़ पर रोक लगाए जाने की मांग की जाएगी।

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