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मासूम का शिक्षक ने खींचा कान, पांच टांके लगे
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:32 AM IST
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कठुआ। सरकारी स्कूल में एक मासूम से साथ शिक्षिका के छात्र से मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में छात्र के कान खींचे गए हैं जिससे वह जख्मी हो गया। उसे पांच टांके लगवाने पड़े हैं।
जानकारी के अनुसार सोमवार को सरकारी हाई स्कूल गोविंदसर में तैनात एक शिक्षिका ने पहली कक्षा के मासूम छात्र के कान इस तरह से खींचे की उसे पांच टांके लगवाने पड़े। बच्चे के अभिभावकों की मानें तो स्कूल प्रबंधन ने फोन पर उन्हें बच्चे के घायल होने की जानकारी दी, जिसके बाद वो जिला अस्पताल पहुंचे और टांके लगवाए। एमएलसी बनने के बाद पुलिस में शिकायत न की जाए इसके लिए अभिभावकों को मरहम पट्टी के लिए तीन हजार रुपये दिए गए। बच्चा इतना सहमा हुआ है कि अब स्कूल ही नहीं जाना चाहता है।
बच्चे की मां मधु देवी ने बताया कि वो दिहाड़ी लगाकर दो वक्त की रोटी कमाते हैं। बच्चे अच्छे से पढ़ लिख जाएं इसके लिए उसे स्कूल में डाला, लेकिन अब बच्चा तो डरा हुआ है ही साथ ही हम लोग भी डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे बच्चे के साथ हुआ कल किसी के बच्चे के साथ भी हो सकता है। उधर, स्कूल प्रधानाचार्य सुरजीत सिंह ने कहा कि सरकार के निर्देश हैं कि किसी भी बच्चे से मारपीट नहीं की जा सकती। ऐसा नहीं लगता है कि शिक्षक ने मारपीट की हो। हो सकता है बच्चे को पहले से जख्म हो और हाथ लगाने से चोट आ गई हो। अलबत्ता बच्चे को अस्पताल लेकर इलाज के लिए पैसे भी दिए गए हैं।
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उधर शिक्षिका ने बताया कि बच्चे के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई है।
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जानकारी के अनुसार सोमवार को सरकारी हाई स्कूल गोविंदसर में तैनात एक शिक्षिका ने पहली कक्षा के मासूम छात्र के कान इस तरह से खींचे की उसे पांच टांके लगवाने पड़े। बच्चे के अभिभावकों की मानें तो स्कूल प्रबंधन ने फोन पर उन्हें बच्चे के घायल होने की जानकारी दी, जिसके बाद वो जिला अस्पताल पहुंचे और टांके लगवाए। एमएलसी बनने के बाद पुलिस में शिकायत न की जाए इसके लिए अभिभावकों को मरहम पट्टी के लिए तीन हजार रुपये दिए गए। बच्चा इतना सहमा हुआ है कि अब स्कूल ही नहीं जाना चाहता है।
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बच्चे की मां मधु देवी ने बताया कि वो दिहाड़ी लगाकर दो वक्त की रोटी कमाते हैं। बच्चे अच्छे से पढ़ लिख जाएं इसके लिए उसे स्कूल में डाला, लेकिन अब बच्चा तो डरा हुआ है ही साथ ही हम लोग भी डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे बच्चे के साथ हुआ कल किसी के बच्चे के साथ भी हो सकता है। उधर, स्कूल प्रधानाचार्य सुरजीत सिंह ने कहा कि सरकार के निर्देश हैं कि किसी भी बच्चे से मारपीट नहीं की जा सकती। ऐसा नहीं लगता है कि शिक्षक ने मारपीट की हो। हो सकता है बच्चे को पहले से जख्म हो और हाथ लगाने से चोट आ गई हो। अलबत्ता बच्चे को अस्पताल लेकर इलाज के लिए पैसे भी दिए गए हैं।
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उधर शिक्षिका ने बताया कि बच्चे के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई है।