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रसाना मामले को दिया जा रहा सांप्रादायिक रंग
Updated Sat, 14 Apr 2018 01:16 AM IST
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कठुआ। कांग्रेस की तरफ से शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कुछ राजनीतिक पार्टियों पर रसाना मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बलवीर सिंह ने कहा है कि मामले को सांप्रदायिक रंग देने से आठ साल की बच्ची को इंसाफ दिलाने की मांग दरकिनार कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि रसाना में आठ साल की मासूम बच्ची की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई, जिसके बाद से मामले को लेकर विभिन्न पार्टियों द्वारा सांप्रदायिक राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच की तरफ से चार्जशीट पेश करने के बाद अब यह मसला कोर्ट केे अधीन है। अब कोर्ट ही मसले को हल करेगा। उन्होंने कहा कि इस मसले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाते हैं उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
सिंह ने कहा कि कठुआ में लंबे समय से विभिन्न धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते आए हैं, लेकिन भाजपा और पीडीपी ने सांप्रदायिक जहर घोल कर लोगों में भेदभाव भर दिया है। उन्होंने कहा कि कठुआ के लोग अमन और शांति के पक्ष में हैं और किसी के भी साथ अगर नाइंसाफी होती है तो इंसाफ किया जाना चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की आड़ में सरकार में शामिल दोनों पार्टियों पर राज्य में अपना अपना वोट बैंक मजबूत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के दोनों मंत्री कहां हैं, जो कूटा में कह गए थे कि अगर सीबीआई जांच नहीं हुई, तो वे भी धरने पर बैठेंगे। आज उनमें एक भी मंत्री इस मामले को लेकर कोई शब्द नहीं कर रहा।
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उन्होंने कहा कि रसाना में आठ साल की मासूम बच्ची की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई, जिसके बाद से मामले को लेकर विभिन्न पार्टियों द्वारा सांप्रदायिक राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच की तरफ से चार्जशीट पेश करने के बाद अब यह मसला कोर्ट केे अधीन है। अब कोर्ट ही मसले को हल करेगा। उन्होंने कहा कि इस मसले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाते हैं उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
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सिंह ने कहा कि कठुआ में लंबे समय से विभिन्न धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते आए हैं, लेकिन भाजपा और पीडीपी ने सांप्रदायिक जहर घोल कर लोगों में भेदभाव भर दिया है। उन्होंने कहा कि कठुआ के लोग अमन और शांति के पक्ष में हैं और किसी के भी साथ अगर नाइंसाफी होती है तो इंसाफ किया जाना चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की आड़ में सरकार में शामिल दोनों पार्टियों पर राज्य में अपना अपना वोट बैंक मजबूत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के दोनों मंत्री कहां हैं, जो कूटा में कह गए थे कि अगर सीबीआई जांच नहीं हुई, तो वे भी धरने पर बैठेंगे। आज उनमें एक भी मंत्री इस मामले को लेकर कोई शब्द नहीं कर रहा।
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