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ैनिक स्मारक तोडने वालों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रर्दशन।
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:32 AM IST
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हीरानगर। छन्न अरोड़ियां में हाईवे पर गुरु गंग देव कालेज के नजदीक एक सैनिक के स्मारक को तोड़ने को लेकर शुरू हुआ बवाल मंगलवार को भी जारी रहा। स्थानीय लोगों ने स्मारक स्थल पर स्मारक तोड़ने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस को चेतावनी दी कि दो दिन के भीतर स्मारक तोड़ने वालों को नहीं पकड़ा तो आंदोलन तेज होगा।
पूर्व सैनिकों की एक टीम भी यहां पहुंची और प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए इस घटना कड़ी निंदा की। पूर्व सैनिक ज्ञान सिंह पठानिया ने कहा जिन लोगों ने इस स्मारक को तोड़ा है उन्होंने सैनिक का अपमान किया है। इसे सहन नहीं किया जा सकता। हमारे सैनिक सीमा पर खडे़ होकर देश की सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ रहे हैं। एक जवान देश के खातिर किन परिस्थितियों से गुजरता है यह वही जानता है। उन्हें सम्मान देने की बजाए इस तरह से अपमानित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पूर्व नायब सरपंच केआर रैना ने कहा कि भूमाफिया के हौसले इस कद्र बढ़ गए हैं कि वे सैनिकों के स्मारक तोड़ने से भी नहीं डर रहे। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं इसके पीछे प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी है। यहां उपस्थित एसडीपीओ रविंद्र सिंह व एसएचओ राजबाग दविंद्र सिंह को शिकायत पत्र सौंपते हुए पूर्व सैनिकों व स्थानीय लोगों ने स्मारक तोड़ने वाले लोगों को दो दिन के भीतर गिरफ्तार करने का समय दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई में देरी हुई तो प्रदर्शन का सिलसिला तेज करना पडे़गा।
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ज्ञात रहे कि 14 अगस्त 1972 को इसी गांव में सांप के डसने से वी. नागारप्पा गौड़ा की मौत हो गई थी। उनकी याद में यह स्मारक बनाया गया था। जिसे सोमवार को कुछ शरारती तत्व के लोगों ने तोड़ दिया। इस घटना से क्षुब्ध स्थानीय लोगों ने हाईवे जाम कर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मामले पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को भी लोगों ने प्रदर्शन किया।
राजस्व विभाग जगह की स्थिति नहीं कर पा रहा स्पष्ट
इस मामले में राजस्व विभाग अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। तसीलदार जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह जगह हाईवे की है, लेकिन यहां काम कौन करा रहा है इसकी जानकारी मुझे नहीं।
क्या कहना है पुलिस का
यह मामला राजस्व विभाग से संबंधित है। जब तक उनकी तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती हम क्या और किस पर कार्रवाई करें। हम लोगों के जज्बातों को समझते हैं। हमारी ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि वह जहां चाहते हैं हम फिर से इस मार्ग का निर्माण कराएंगे।
-दविंद्र सिंह, एसएचओ राजबाग।
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पूर्व सैनिकों की एक टीम भी यहां पहुंची और प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए इस घटना कड़ी निंदा की। पूर्व सैनिक ज्ञान सिंह पठानिया ने कहा जिन लोगों ने इस स्मारक को तोड़ा है उन्होंने सैनिक का अपमान किया है। इसे सहन नहीं किया जा सकता। हमारे सैनिक सीमा पर खडे़ होकर देश की सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ रहे हैं। एक जवान देश के खातिर किन परिस्थितियों से गुजरता है यह वही जानता है। उन्हें सम्मान देने की बजाए इस तरह से अपमानित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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पूर्व नायब सरपंच केआर रैना ने कहा कि भूमाफिया के हौसले इस कद्र बढ़ गए हैं कि वे सैनिकों के स्मारक तोड़ने से भी नहीं डर रहे। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं इसके पीछे प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी है। यहां उपस्थित एसडीपीओ रविंद्र सिंह व एसएचओ राजबाग दविंद्र सिंह को शिकायत पत्र सौंपते हुए पूर्व सैनिकों व स्थानीय लोगों ने स्मारक तोड़ने वाले लोगों को दो दिन के भीतर गिरफ्तार करने का समय दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई में देरी हुई तो प्रदर्शन का सिलसिला तेज करना पडे़गा।
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ज्ञात रहे कि 14 अगस्त 1972 को इसी गांव में सांप के डसने से वी. नागारप्पा गौड़ा की मौत हो गई थी। उनकी याद में यह स्मारक बनाया गया था। जिसे सोमवार को कुछ शरारती तत्व के लोगों ने तोड़ दिया। इस घटना से क्षुब्ध स्थानीय लोगों ने हाईवे जाम कर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मामले पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को भी लोगों ने प्रदर्शन किया।
राजस्व विभाग जगह की स्थिति नहीं कर पा रहा स्पष्ट
इस मामले में राजस्व विभाग अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। तसीलदार जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह जगह हाईवे की है, लेकिन यहां काम कौन करा रहा है इसकी जानकारी मुझे नहीं।
क्या कहना है पुलिस का
यह मामला राजस्व विभाग से संबंधित है। जब तक उनकी तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती हम क्या और किस पर कार्रवाई करें। हम लोगों के जज्बातों को समझते हैं। हमारी ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि वह जहां चाहते हैं हम फिर से इस मार्ग का निर्माण कराएंगे।
-दविंद्र सिंह, एसएचओ राजबाग।