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सहायक प्रोफेसर ने राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होने से किया इंकार
ब्यूरो, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 30 Sep 2018 04:14 AM IST
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पराक्रम दिवस पर बनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान के अपमान का मामला सामने आया है। आरोप है कि डिग्री कॉलेज बनी में अनुबंध पर तैनात एक सहायक प्रोफेसर ने शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होने से साफ इंकार कर दिया।
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मामला तब बढ़ गया जब विद्यार्थियों ने इस मामले में रोष भी जताया, जिसके बाद कॉलेज विद्यार्थियों का शिष्टमंडल एसडीएम बनी अजीत सिंह से भी मिला और उन्हें मामले से अवगत करवाया। विद्यार्थियों ने बताया कि सहायक प्रोफेसर मोहम्मद तौसीफ ने कॉलेज में गाए जा रहे राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने से साफ इंकार कर दिया।
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एसडीएम ने विद्यार्थियों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए कॉलेज प्रबंधन को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी सहायक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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विद्यार्थियों ने बताया कि भारतीय सेना की तरफ से पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के दो साल पूरा होने पर कॉलेज में पराक्रम दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें विद्यार्थियों को सेना की शौर्य गाथा बताई गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि किस तरह उड़ी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने कैसे नियंत्रण रेखा पार कर पीओके में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। इसी बीच राष्ट्रगान गाया गया, जिसके सम्मान में खड़े होने से सहायक प्रोफेसर ने इंकार कर दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि आरोपी सहायक प्रोफेसर ने राष्ट्रगान ही नहीं, सेना का भी अपमान किया है।
2016 में भी सामने आया था ऐसा मामला
वर्ष 2016 में भी बनी डिग्री कॉलेज में इसी तरह का मामला सामने आया था, जब सर्जिकल स्ट्राइक, भारतीय सेना और देश के प्रति अपशब्दों के प्रयोग मामले ने तूल पकड़ा था। इस मामले में तब अनुबंध पर तैनात दो सहायक प्रोफेसरों को निलंबित कर दिया गया था।