कठुआ: डिग्री कॉलेज के छात्र की मौत पर बवाल, हाईवे जाम कर किया हंगामा
राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ के प्रोफेसर की प्रताड़ना के बाद 19 वर्षीय छात्र ने जान दे दी। इससे गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
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राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ के स्नातक भाग-एक के छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। आरोप है कि राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर की प्रताड़ना से दुखी था। घटना से गुस्साए मृतक छात्र के परिजन और सहपाठी सड़क पर उतर आए। बुधवार शाम को कॉलेज रोड पर मृतक छात्र का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इसके बाद हाईवे जाम कर जोरदार नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग की। प्रोफेसर की गिरफ्तारी के आश्वासन पर लोग शांत हुए और जाम खोला।
इधर, मार्ग जाम होने की सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी की गुस्साए लोगों ने एक न सुनी और करीब एक घंटा कॉलेज रोड जाम करने के बाद हाईवे की ओर जाने लगे। मगर पुलिस ने उन्हें हाईवे पर जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के गुस्से को देखते हुए उनकी एक न चली और प्रदर्शनकारियों ने कालीबड़ी में हाईवे पर जाम पर बैठ गए। करीब दस मिनट हाईवे जाम रहने के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी हेड क्वाटर शम्मी कुमार ने प्रदर्शनकारियों को प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिए जाने की जानकारी दी तब लोगों ने मार्ग खोला।
मौके पर से एक पत्र भी मिला है, जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों में शामिल सरपंच प्रदीप सिंह ने बताया कि राजकीय डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर की प्रताड़ना के बाद 19 वर्षीय संजय कुमार पुत्र बोध राज निवासी चक भागा ने फांसी लगा ली है। उन्होंने बताया कि मृतक ने इस घटना से पहले एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उसने इसके लिए कॉलेज के एक प्रोफेसर रजनीश शर्मा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना जिसमें एक घर का चिराग बुझ गया, बहुत दुखद है। लिहाजा इसकी जांच होनी चाहिए।
पूरे कॉलेज प्रबंधन को बताया जिम्मेदार
वहीं सहपाठी की मौत पर रोष जता रहे कॉलेज के एनसीसी कैडेट अक्षत सिंह ने कहा कि मृतक संजय जो कि कॉलेज में उनका जूनियर था। वह काफी हंसमुख स्वभाव का था। लेकिन, कॉलेज के शिक्षक की प्रताड़ना के कारण उसने मौत को गले लगा लिया। इसके लिए कॉलेज का पूरा प्रबंधन जिम्मेदार है। जो कि यहां की व्यवस्था को सुचारु नहीं चला पा रहा है। आए दिन विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर रहें हैं। लेकिन, उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
'जांच जारी, कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी'
इस संबंध में थाना प्रभारी ओपी चिब ने बताया कि अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। शाम हो जाने के कारण मृतक के शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया है। जिसके कारण उसके शव को पुलिस ने अपने कब्जे में रखा है। इसके अलावा आरोपित प्रोफेसर को पूछताछ के लिए फिलहाल थाने में बुला लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।