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Kathua News: न्यायाधीश ने आरोपी को सशर्त जमानत दी
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कठुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एनडीपीएस मामले के एक आरोपी को सशर्त जमानत दी है। मामला कठुआ पुलिस थाने का है। इसमें शब्बीर शाह निवासी मग्गर खड्ड जगतपुर के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था।
आरोपी के वकील ने कोर्ट में दलील करते हुए कहा कि आरोपी शब्बीर शाह के कब्जे से बरामद हेरोइन जैसे पदार्थ की मात्रा 52.80 ग्राम है और दूसरे आवेदक आरोपी बागोदीन के पास से बरामद हेरोइन जैसे पदार्थ की मात्रा 46.60 ग्राम है, जो मध्यवर्ती मात्रा की श्रेणी में आती है। ऐसा होने पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कठोरता, वर्तमान मामले में लागू नहीं होती है, इसलिए आवेदक के वकील के अनुसार वर्तमान मामले में आरोपी को और हिरासत में रखना उचित नहीं है। इसके अलावा ऐसा करना दोषसिद्धि से पहले सजा देने के समान होगा। कोर्ट ने आरोपी को इस शर्त के अधीन जमानत दी जाती है कि वह 50 हजार रुपये का निजी बांड और दो जमानतदार प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा आरोपी को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने में जांच अधिकारी के साथ पूर्ण सहयोग करे और किसी भी तरह से अभियोजन पक्ष के गवाहों के संपर्क में न आए। इनमें से किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में अभियोजन पक्ष अभियुक्त को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग कर सकता है।
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आरोपी के वकील ने कोर्ट में दलील करते हुए कहा कि आरोपी शब्बीर शाह के कब्जे से बरामद हेरोइन जैसे पदार्थ की मात्रा 52.80 ग्राम है और दूसरे आवेदक आरोपी बागोदीन के पास से बरामद हेरोइन जैसे पदार्थ की मात्रा 46.60 ग्राम है, जो मध्यवर्ती मात्रा की श्रेणी में आती है। ऐसा होने पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कठोरता, वर्तमान मामले में लागू नहीं होती है, इसलिए आवेदक के वकील के अनुसार वर्तमान मामले में आरोपी को और हिरासत में रखना उचित नहीं है। इसके अलावा ऐसा करना दोषसिद्धि से पहले सजा देने के समान होगा। कोर्ट ने आरोपी को इस शर्त के अधीन जमानत दी जाती है कि वह 50 हजार रुपये का निजी बांड और दो जमानतदार प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा आरोपी को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने में जांच अधिकारी के साथ पूर्ण सहयोग करे और किसी भी तरह से अभियोजन पक्ष के गवाहों के संपर्क में न आए। इनमें से किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में अभियोजन पक्ष अभियुक्त को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग कर सकता है।
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