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Kathua News: एनडीपीएस मामले में आरोपी को अदालत ने दी सशर्त जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश ने एनडीपीएस मामले में एक आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के मुताबिक, आरोपी को जमानत के लिए 25 हजार का व्यक्तिगत बांड सहित समान राशि के दो जमानती कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है।
इसके अलावा मामले में अभियुक्त को जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए जांच अधिकारी से सहयोग करने का निर्देश दिया है। कहा है कि आरोपी किसी भी प्रकार से अभियोजन पक्ष के गवाहों के संपर्क में न आए। पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर चालान के मुताबिक हीरानगर पुलिस ने आरोपी नरिंद्र सिंह निवासी दयाला चक को हेरोइन जैसे प्रतिबंधित पदार्थ की मात्र 6.14 ग्राम के साथ गिरफ्तार किया था। हीरानगर थाना में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी की जमानत के लिए 9 जनवरी को आवेदन दायर किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि उसके मुव्वकिल को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। लिहाजा, मामले में आरोपी को जमानत दी जाए। जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। कहा कि मामले में दायर आरोप पत्र गैर-जमानती, जघन्य और समाज के खिलाफ है। क्योंकि कार्यवाही अंतिम चरण में है, ऐसे में अगर आरोपी को जमानत मिलती है तो अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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इस पर आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी के कब्जे से बरामद हेरोइन जैसे पदार्थ की मात्रा केवल 6.14 ग्राम है। जो मध्यवर्ती मात्रा की श्रेणी में आती है। ऐसे में वर्तमान मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कठोरता लागू नहीं होती है। लिहाजा आरोपी को जमानत दी जाए। जिसे कोर्ट ने मान लिया और आरोपी को सशर्त जमानत सुनाई गई। इसके अलावा कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो अभियोजन आरोपी को मिली जमानत को रद्द कराने की मांग कर सकता है।
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कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश ने एनडीपीएस मामले में एक आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के मुताबिक, आरोपी को जमानत के लिए 25 हजार का व्यक्तिगत बांड सहित समान राशि के दो जमानती कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है।
इसके अलावा मामले में अभियुक्त को जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए जांच अधिकारी से सहयोग करने का निर्देश दिया है। कहा है कि आरोपी किसी भी प्रकार से अभियोजन पक्ष के गवाहों के संपर्क में न आए। पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर चालान के मुताबिक हीरानगर पुलिस ने आरोपी नरिंद्र सिंह निवासी दयाला चक को हेरोइन जैसे प्रतिबंधित पदार्थ की मात्र 6.14 ग्राम के साथ गिरफ्तार किया था। हीरानगर थाना में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी की जमानत के लिए 9 जनवरी को आवेदन दायर किया गया।
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मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि उसके मुव्वकिल को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। लिहाजा, मामले में आरोपी को जमानत दी जाए। जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। कहा कि मामले में दायर आरोप पत्र गैर-जमानती, जघन्य और समाज के खिलाफ है। क्योंकि कार्यवाही अंतिम चरण में है, ऐसे में अगर आरोपी को जमानत मिलती है तो अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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इस पर आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी के कब्जे से बरामद हेरोइन जैसे पदार्थ की मात्रा केवल 6.14 ग्राम है। जो मध्यवर्ती मात्रा की श्रेणी में आती है। ऐसे में वर्तमान मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कठोरता लागू नहीं होती है। लिहाजा आरोपी को जमानत दी जाए। जिसे कोर्ट ने मान लिया और आरोपी को सशर्त जमानत सुनाई गई। इसके अलावा कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो अभियोजन आरोपी को मिली जमानत को रद्द कराने की मांग कर सकता है।