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कोरोना
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सोमवार को जिले में कोरोना संक्रमण के 33 नए मामले जिले में सामने आए हैं। जिनमें दस यात्रा इतिहास के साथ हैं। उधर, पूर्व में संक्रमित पाए गए 46 लोगों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। जिले में सक्रिय संक्रमितों का 426 पहुंच गया है। जीएमसी कठुआ में स्थापित कोविड अस्पताल में कुल 22 लोगों को उपचार के लिए भर्ती करवाया गया है, जिनमें से 14 आक्सीजन सपोर्ट पर हैं।
उधर, लगातार बढ़ रहे मामलों और अस्पताल में अधिक लोगों को भर्ती करने की जरूरत को देखते हुए सोमवार को जीएमसी प्रबंधन ने बीस बेड का एक और वार्ड स्थापित कर दिया है। वेंटीलेटर औ मोनिटर से लैस इन बेड को जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जीएमसी में आक्सीजन लाइन से जुड़े 192 बेड उपलब्ध हैं जिनमें से बाल और महिला वार्ड के साथ साथ डायलिसिस के भी बेड शामिल हैं। जिन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है लेकिन अन्य बेड को जरूरत पड़ने पर धीरे धीरे अस्पताल की क्षमता को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
एक सप्ताह से एक्सट्रैक्शन मशीन खराब
कठुआ। एक ओर जहां प्रदेश प्रशासन रैपिड जांच की जगह आरटीपीसीआर जांच को अधिक भरोसेमंद मानते हुए जांच बढ़ाने के निर्देश जारी किए हुए हैं, वहीं जीएमसी कठुआ की माइक्रो बायोलाजी लैब में आरटीपीसीआर सैंपलों की प्रोसेसिंग के लिए एक्सट्रैक्शन मशीन पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ी है। ऐसे में लखनपुर, परोल समेत जीएमसी कठुआ से लिए जा रहे आरटीपीसीआर के सैंपल जहां जांच के लिए जम्मू भेजे जा रहे हैं, वहीं इसमें रिपोर्ट चौथे दिन तक हासिल हो रही है। जिसके चलते रैपिड जांच को बढ़ाया गया है।
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जीएमसी कठुआ की प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि 21 अप्रैल को एक्सट्रैक्शन मशीन में खराबी के बाद इंजीनियरों को बताया गया था। पहले वीडियो कॉल पर ही समस्या हल करने का भरोसा दिलाया गया लेकिन इससे भी समाधान नहीं निकला है। इंजीनियरों ने सोमवार को जीएमसी पहुंचकर इसे ठीक करने की बात कही थी। लेकिन सोमवार को भी टीम नहीं पहुंची है। ऐसे में सैंपल जांच के लिए जम्मू लैब भेजे जा रहे हैं। जीएमसी में रैपिड जांच बढ़ा दी गई है।
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उधर, लगातार बढ़ रहे मामलों और अस्पताल में अधिक लोगों को भर्ती करने की जरूरत को देखते हुए सोमवार को जीएमसी प्रबंधन ने बीस बेड का एक और वार्ड स्थापित कर दिया है। वेंटीलेटर औ मोनिटर से लैस इन बेड को जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जीएमसी में आक्सीजन लाइन से जुड़े 192 बेड उपलब्ध हैं जिनमें से बाल और महिला वार्ड के साथ साथ डायलिसिस के भी बेड शामिल हैं। जिन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है लेकिन अन्य बेड को जरूरत पड़ने पर धीरे धीरे अस्पताल की क्षमता को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
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एक सप्ताह से एक्सट्रैक्शन मशीन खराब
कठुआ। एक ओर जहां प्रदेश प्रशासन रैपिड जांच की जगह आरटीपीसीआर जांच को अधिक भरोसेमंद मानते हुए जांच बढ़ाने के निर्देश जारी किए हुए हैं, वहीं जीएमसी कठुआ की माइक्रो बायोलाजी लैब में आरटीपीसीआर सैंपलों की प्रोसेसिंग के लिए एक्सट्रैक्शन मशीन पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ी है। ऐसे में लखनपुर, परोल समेत जीएमसी कठुआ से लिए जा रहे आरटीपीसीआर के सैंपल जहां जांच के लिए जम्मू भेजे जा रहे हैं, वहीं इसमें रिपोर्ट चौथे दिन तक हासिल हो रही है। जिसके चलते रैपिड जांच को बढ़ाया गया है।
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जीएमसी कठुआ की प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि 21 अप्रैल को एक्सट्रैक्शन मशीन में खराबी के बाद इंजीनियरों को बताया गया था। पहले वीडियो कॉल पर ही समस्या हल करने का भरोसा दिलाया गया लेकिन इससे भी समाधान नहीं निकला है। इंजीनियरों ने सोमवार को जीएमसी पहुंचकर इसे ठीक करने की बात कही थी। लेकिन सोमवार को भी टीम नहीं पहुंची है। ऐसे में सैंपल जांच के लिए जम्मू लैब भेजे जा रहे हैं। जीएमसी में रैपिड जांच बढ़ा दी गई है।