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Kathua News: क्लर्कियल स्टाफ ने उठाई मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी की मांग
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ऑल डिपार्टमेंट्स क्लेरिकल स्टाफ एसोसिएशन, जिला इकाई कठुआ की एक महत्वपूर्ण बैठक मनोहर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में राज्य के क्लेरिकल कैडर सहित सभी सरकारी कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और मुख्यमंत्री से इन समस्याओं को प्राथमिकता पर हल करने की अपील की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
बैठक में प्रमुख रूप से फिक्स्ड मेडिकल भत्ते का मुद्दा उठाया गया। वक्ताओं ने बताया कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के वित्त विभाग ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फिक्स्ड मेडिकल भत्ता 300 रूपया से बढ़ाकर 1000 रूपया प्रति माह कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी है। जबकि जम्मू-कश्मीर राज्य में अभी भी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मात्र 300 रूपया प्रति माह ही दिया जा रहा है, जो अत्यंत असमान और अनुचित है।
वहीं, आठवें वेतन आयोग को लागू करने के लिए अब कमेटी का गठन न होने कर्मचारी नेताओं ने चिंता जताते हुए ककहा कि ऐसा लगता है कि सरकार कर्मचारियों के हित से जुड़े इस फैसले को लटकना चाह रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि राज्य के कर्मचारियों को भी समान लाभ दिया जाए ताकि उन्हें चिकित्सा संबंधी खर्चों में राहत मिल सके।
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बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्यों में श्याम लाल (पूर्व अनुभाग अधिकारी), करन सिंह जसरोटिया (पूर्व अनुभाग अधिकारी), राम चंद (पूर्व प्रधान लिपिक), नवीन कुमार खजूरिया (पूर्व एचसी), मोहम्मद शरीफ (वरिष्ठ सहायक), कुलदीप कुमार (पूर्व प्रधान सहायक) और विजय कुमार (प्रधान सहायक) शामिल रहे।
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बैठक में प्रमुख रूप से फिक्स्ड मेडिकल भत्ते का मुद्दा उठाया गया। वक्ताओं ने बताया कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के वित्त विभाग ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फिक्स्ड मेडिकल भत्ता 300 रूपया से बढ़ाकर 1000 रूपया प्रति माह कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी है। जबकि जम्मू-कश्मीर राज्य में अभी भी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मात्र 300 रूपया प्रति माह ही दिया जा रहा है, जो अत्यंत असमान और अनुचित है।
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वहीं, आठवें वेतन आयोग को लागू करने के लिए अब कमेटी का गठन न होने कर्मचारी नेताओं ने चिंता जताते हुए ककहा कि ऐसा लगता है कि सरकार कर्मचारियों के हित से जुड़े इस फैसले को लटकना चाह रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि राज्य के कर्मचारियों को भी समान लाभ दिया जाए ताकि उन्हें चिकित्सा संबंधी खर्चों में राहत मिल सके।
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बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्यों में श्याम लाल (पूर्व अनुभाग अधिकारी), करन सिंह जसरोटिया (पूर्व अनुभाग अधिकारी), राम चंद (पूर्व प्रधान लिपिक), नवीन कुमार खजूरिया (पूर्व एचसी), मोहम्मद शरीफ (वरिष्ठ सहायक), कुलदीप कुमार (पूर्व प्रधान सहायक) और विजय कुमार (प्रधान सहायक) शामिल रहे।