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ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने किया प्रदर्शन

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कठुआ। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय देश व्यापी हड़ताल के दूसरे दिन शहर में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हड़ताल का असर दिखाई दिया। इस दौरान विभिन्न संगठनों, सीटू के भवन निर्माण कामगार यूनियन, जम्मू कश्मीर किसान तहरीक और यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन आदि संगठनों ने सरकार को कर्मचारी, श्रमिक और किसान विरोधी बताते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
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शहर के ड्रीमलैंड पार्क में भवन निर्माण कामगार यूनियन के बैनर तले धरना-प्रदर्शन में जम्मू कश्मीर किसान तहरीक ने शामिल होकर सरकार केे खिलाफ रोष जताया। इस मौके पर भवन निर्माण कामगार यूनियन के महासचिव राजकुमार ने सरकार को मजदूर, किसान विरोधी करार दिया। कहा कि भारत सरकार की कारपोरेट समर्थक नीतियों ने लोगों के जीवन और आजीविका और देश की अर्थव्यवस्था को आपदा के कगार पर पहुंचा दिया है। अब नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन प्रोग्राम का सहारा लेकर सरकार ऐसे उपक्रमों को बेंचने पर तुली है।
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जिसका वह विरोध करते हैं। उन्होंने सभी गैर आयकर भुगतान करने वाले परिवारों को प्रति माह 7500 रुपये की खाद्य और आय सहायता देने, मनरेगा आवंटन में वृद्धि करने और शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना का विस्तार करने के साथ अनौपचारिक क्षेत्र के कामगारों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा दिए जाने की मांग की। श्रमिकों के लिए वैधानिक न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये देने की मांग की। वहीं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए धन कर आदि के माध्यम से अमीरों पर कर लगाकर कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिताओं में सार्वजनिक निवेश में वृद्धि करने, पेट्रोलियम उत्पाद पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी और मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए ठोस उपाय करने, ठेका श्रमिकों को नियमित करना, समान काम के लिए समान वेतन और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की।
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इस मौके पर सीटू के वरिष्ठ नेता हरि सिंह ने केंद्र सरकार पर कोविड महामारी का सहारा लेकर श्रम संहिताओं और कृषि कानूनों को आगे बढ़ाने का उपयोग करने पर रोष जताया। कहा कि अब लाभ कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की एकमुश्त बिक्री व निजीकरण अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस मौके पर किसान तहरीक के प्रांतीय प्रधान बनारसी दास, जिला प्रधान सेवा राम, अजीत कुमार, सोम लाल, संपूर्ण सिंह आदि ने सरकार के खिलाफ गुस्से का इजहार किया।

प्रदर्शन की इस कड़ी में जम्मू कश्मीर युनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (उस्ता) ने भी डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे उस्ता के प्रांतीय अध्यक्ष शशिपाल सिंह ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की मांग की। उस्ता जिलाध्यक्ष रत्न सिंह पठानिया में स्कूली शिक्षा विभाग में कार्यरत मिड-डे मिल वर्कर व सफाई कर्मियों के अनुदान वाले वेतन को हटाने, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता का न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। इस मौके पर जिला सचिव बोध राज, विनायक शर्मा, सुदेश कुमार विजय कुमार और राम दया मौजूद रहे।
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