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चार साल में भी नहीं बन पाई साढ़े तीन किमी सड़क
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बसोहली। डोडला में करीब साढे़ तीन किलोमीटर सडक को बनाने का काम 28 मार्च, 2017 से चल रहा है, जिसे 2018 मे खत्म किया जाना था, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण आज तक सड़क का काम पूरा नहीं हो पाया है। डोडला के पूर्व सरपंच अब्दुल क्यूम, पूर्व नायब सरपंच पूरण चंद, रिशु वर्मा, हुक्मी पंडित आदि ने बताया कि लोगों को आज तक पक्की सड़क नसीब नहीं हो पाई है। सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि बरसात के दिनों में कच्ची सड़क गीली मिट्टी और कीचड़ से भर जाती है, जिससे हादसे बढ़ जाते हैं। लोगों ने बताया कि तीन साल में केवल डंगे, पुलिया आदि का काम ही हुआ है। बारिश के कारण सड़क का कुछ हिस्सा पानी में बह गया है बीते वर्ष से सड़क मार्ग बंद पड़ा है। डोडला इलाके की सात मोहड़ो की करीब 1000 की आबादी और उनके स्कूल के बच्चे इसी मार्ग से पैदल चलकर शीतलनगर बसोहली पहुंचते हैं। उबड़-खाबड़ मार्ग भी इतना खराब है कि किसी भी इमरजेंसी में मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है।
पीएमजीएसवाई के एईई राजेश कुमार का कहना है कि फोरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने की वजह से सड़क का काम रुका हुआ है।
करीब ढाई किलोमीटर सड़क बनाई गई है। वन विभाग से क्लीयरेंस लेने के लिए फाइल बनाकर भेजी गई है। वन विभाग के डीएफओ रविंद्र सिंह का कहना है कि पीएमजीएसवाई एजेंसी ने जिन सड़कों को बनाते समय बिना फोरेस्ट क्लीयरेंस के काम किया है, उनके बिल बनाकर पीएमजीएसवाई एजेंसी को नुकसान की भरपाई करने के लिए भेज दिए गए हैं। तुआरा से डोडला सड़क बनाते समय भी पीएमजीएसवाई एजेंसी द्वारा फोरेस्ट कंजरवेशन एक्ट की वायलेशन की गई है, फिलहाल इस मामले पर जांच चल रही है रिपोर्ट आने के बाद पीएमजीएसवाई एजेंसी को बिल भेज दिया जाएगा।
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पीएमजीएसवाई के एईई राजेश कुमार का कहना है कि फोरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने की वजह से सड़क का काम रुका हुआ है।
करीब ढाई किलोमीटर सड़क बनाई गई है। वन विभाग से क्लीयरेंस लेने के लिए फाइल बनाकर भेजी गई है। वन विभाग के डीएफओ रविंद्र सिंह का कहना है कि पीएमजीएसवाई एजेंसी ने जिन सड़कों को बनाते समय बिना फोरेस्ट क्लीयरेंस के काम किया है, उनके बिल बनाकर पीएमजीएसवाई एजेंसी को नुकसान की भरपाई करने के लिए भेज दिए गए हैं। तुआरा से डोडला सड़क बनाते समय भी पीएमजीएसवाई एजेंसी द्वारा फोरेस्ट कंजरवेशन एक्ट की वायलेशन की गई है, फिलहाल इस मामले पर जांच चल रही है रिपोर्ट आने के बाद पीएमजीएसवाई एजेंसी को बिल भेज दिया जाएगा।
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