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Kathua News: सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी बरी, सबूतों का अभाव बना वजह
Sat, 26 Apr 2025 01:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 26 Apr 2025 01:25 AM IST
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16 जनवरी 2020 को कृष्णा कॉलोनी कठुआ के पास हुए हादसे से जुड़ा था मामला
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कठुआ की अदालत ने सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी सतीश कुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला 16 जनवरी 2020 को कृष्णा कॉलोनी कठुआ के पास हुए हादसे से जुड़ा था, जिसमें एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी।
इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार विजय कुमार और सह सवार केवल चंद घायल हो गए थे। मामले में अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान और तेज व लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप को साबित करने में असफल रहा। पीड़ितों और गवाहों के बयान परस्पर विरोधी रहे और आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड नहीं कराई गई, जिससे मामला और कमजोर हुआ।
अदालत ने कहा कि दुर्घटना मात्र का होना यह साबित नहीं करता कि वह आरोपी की लापरवाही या तेज गाड़ी चलाने के कारण हुआ। गवाह और सबूत यह साबित करने में नाकाम रहे कि दुर्घटना आरोपी की लापरवाही से हुई थी। इस कारण आरोपी पर धारा 279, 337 और 338 के तहत मामला दर्ज कर आरोपों से बरी कर दिया गया। इसके साथ ही जब्त वाहनों को वैध मालिकों को सौंपने का आदेश दिया गया। संवाद
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कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कठुआ की अदालत ने सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी सतीश कुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला 16 जनवरी 2020 को कृष्णा कॉलोनी कठुआ के पास हुए हादसे से जुड़ा था, जिसमें एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी।
इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार विजय कुमार और सह सवार केवल चंद घायल हो गए थे। मामले में अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान और तेज व लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप को साबित करने में असफल रहा। पीड़ितों और गवाहों के बयान परस्पर विरोधी रहे और आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड नहीं कराई गई, जिससे मामला और कमजोर हुआ।
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अदालत ने कहा कि दुर्घटना मात्र का होना यह साबित नहीं करता कि वह आरोपी की लापरवाही या तेज गाड़ी चलाने के कारण हुआ। गवाह और सबूत यह साबित करने में नाकाम रहे कि दुर्घटना आरोपी की लापरवाही से हुई थी। इस कारण आरोपी पर धारा 279, 337 और 338 के तहत मामला दर्ज कर आरोपों से बरी कर दिया गया। इसके साथ ही जब्त वाहनों को वैध मालिकों को सौंपने का आदेश दिया गया। संवाद
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