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लखनपुर में पशुधन प्रसार मेले का आयोजन
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कठुआ। प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखनपुर में पशुधन मेले के आयोजन जारी है। प्रवेशद्वार लखनपुर में पशुपालन विभाग की रिंडरपेस्ट चेक पोस्ट पर नौवीं बार हो रहे मेले में भारी बारिश और ठंड के बावजूद काफी संख्या में आए लोगों ने देश के विभिन्न राज्यों से आए दुधारू मवेशियों की खरीददारी की। मेले में विक्रेताओं द्वारा लगभग 275 के करीब उन्नत नस्ल वाले मवेशी लाए गए थे। जिसमें से 252 मवेशी जम्मू कश्मीर के पशुपालकों ने खरीदे।
जिला पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित मेले में आए पशुपालकों ने उन्नत किस्म के दुधारू मवेशियों को खरीदने के साथ वहां पशुपालन से जुड़े विषयों पर लगाए स्टालों से जानकारी भी जुटाई। जिसमें पशुपालकों को उन्नत नस्ल के मवेशियों की दुग्ध उत्पादन क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. सतवीर सिंह ने बताया कि विभाग पिछले कुछ सालों में देखा जा रहा था कि जम्मू कश्मीर में गर्मी के मौसम में आवश्यकता से 30 प्रतिशत दूध की कमी पड़ती थी। जिसे देखते हुए विभाग ने आने वाले साल में इस कमी को खत्म कर 30 प्रतिशत अतिरिक्त दूध का उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया और एकीकृत डेयरी विकास योजना के तहत पशुपालकों को सब्सिडी के साथ ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि लोग पशुपालन को रोजगार की तरह अपनाकर जम्मू कश्मीर को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाकर लोगों के लिए रोजगार का सृजन भी कर सकें।
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जिला पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित मेले में आए पशुपालकों ने उन्नत किस्म के दुधारू मवेशियों को खरीदने के साथ वहां पशुपालन से जुड़े विषयों पर लगाए स्टालों से जानकारी भी जुटाई। जिसमें पशुपालकों को उन्नत नस्ल के मवेशियों की दुग्ध उत्पादन क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. सतवीर सिंह ने बताया कि विभाग पिछले कुछ सालों में देखा जा रहा था कि जम्मू कश्मीर में गर्मी के मौसम में आवश्यकता से 30 प्रतिशत दूध की कमी पड़ती थी। जिसे देखते हुए विभाग ने आने वाले साल में इस कमी को खत्म कर 30 प्रतिशत अतिरिक्त दूध का उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया और एकीकृत डेयरी विकास योजना के तहत पशुपालकों को सब्सिडी के साथ ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि लोग पशुपालन को रोजगार की तरह अपनाकर जम्मू कश्मीर को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाकर लोगों के लिए रोजगार का सृजन भी कर सकें।
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