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अब रंजीत सागर झील और थीन वन्यजीव क्षेत्र से रूबरू होंगे ट्रैकर
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कठुआ। वन्यजीव विभाग जिले में तीन महीने के भीतर दूसरा वन्यजीव ट्रैकिंग कैंप लगाने जा रहा है। पर्यावरण और प्रकृति प्रेमियों के लिए इस बार थीन वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र में ट्रैकिंग करवाई जा रही है। 19 फरवरी को ट्रैकर्स को थीन से रवाना किया जाएगा और आठ किलोमीटर की ट्रैकिंग कर वे घ्यो नाल (रंजीत सागर झील के नजदीक पहुंचेंगे। विभाग इस दौरान ड्रोन स्पॉटिंग और बर्ड वाचिंग के साथ प्रकृति प्रेमियों को वन्यजीवों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
बीते वर्ष नवंबर में ही जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य में विभाग की ओर से ट्रैकिंग कैंप का आयोजन किया गया था, जिसमें संभाग के विभिन्न इलाकों से सौ से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए थे। वन्यजीव को करीब से देखने का अवसर उन्हें मिला था। इस बार विभाग ने थीन वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र को ट्रैकिंग के लिए चुना है। खास बात यह है कि झील से सटे इस इलाके में विभिन्न प्रजाति के जंगली जानवरों को करीब से दिखाने का प्रयास करते हुए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही सर्दियों के गुजरते मौसम में रंजीत सागर झील किनारे डेरा डाले प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की प्रजातियों के लिए बर्ड वाचिंग करवाई जाएगी। वीरवार तक 60 लोग वन्यजीव विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकरण लिंक से अपना नाम इस ट्रैकिंग के लिए दर्ज करवा चुके हैं।
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बीते वर्ष नवंबर में ही जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य में विभाग की ओर से ट्रैकिंग कैंप का आयोजन किया गया था, जिसमें संभाग के विभिन्न इलाकों से सौ से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए थे। वन्यजीव को करीब से देखने का अवसर उन्हें मिला था। इस बार विभाग ने थीन वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र को ट्रैकिंग के लिए चुना है। खास बात यह है कि झील से सटे इस इलाके में विभिन्न प्रजाति के जंगली जानवरों को करीब से दिखाने का प्रयास करते हुए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही सर्दियों के गुजरते मौसम में रंजीत सागर झील किनारे डेरा डाले प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की प्रजातियों के लिए बर्ड वाचिंग करवाई जाएगी। वीरवार तक 60 लोग वन्यजीव विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकरण लिंक से अपना नाम इस ट्रैकिंग के लिए दर्ज करवा चुके हैं।
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