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Kathua News: बांस की खेती इससे जुड़े उद्यमों को बनाएगी सशक्त
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निदेशक बांस नर्सरी की शुरूआत करवाते हुए संवाद
जिले के नगरी (परोल) में बुधवार को निदेशक बागवानी जम्मू गुल सैयद ने बांस के पौधे लगाकर नर्सरी का उद्घाटन किया। इसी क्रम में निदेशक ने कठुआ जोन के मीरपुर राम स्थित सरकारी फल पौध नर्सरी का जायजा लिया, जहां उन्होंने 10 कनाल भूमि में स्थापित ड्रैगन फ्रूट के मदर ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया और गुणवत्ता युक्त ग्राफ्टेड पौध तैयार करने के लिए कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर बांस की खेती से इससे जुड़े अन्य उद्यम और सशक्त होंगे।
निदेशक ने कहा कि राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत यह नर्सरी न केवल बांस की खेती को बढ़ावा देगी, बल्कि हस्तशिल्प उद्योग, फर्नीचर निर्माण, वस्त्र उत्पादन और अन्य बांस आधारित उद्यमों को भी सशक्त बनाएगी। बांस की नई उन्नत किस्मों की पैदावार के लिए कठुआ में उपयुक्त मौसम है। ऐसे में यहां की धरती को प्रदेश में सबसे पहले इस तरह के बांस की नर्सरी के लिए चुना गया है। यह जिले में तैयार हुए हस्तशिल्पकारों को जहां कच्चा माल उपलब्ध करवाने में मदद करेगी, बल्कि बागवानी विभाग के हाई डेंसिंटी पौधों को सहारा देने के लिए बांस की जरूरतों को भी पूरा करेगी। जम्मू संभाग के कठुआ जिले में बांस की पैदावार को लेकर अच्छी संभावनाएं है। इसी के लिए सरकार ने बांस मिशन के तहत यहां के स्थानीय लोगों को आसाम में प्रशिक्षण भी दिलाया है।
उधर, कठुआ जोन के मीरपुर राम स्थित सरकारी फल पौध नर्सरी में 10 कनाल भूमि में ड्रैगन फ्रूट के मदर ब्लॉक को भी स्थापित किया गया है। जिले में निजी स्तर पर कुछ बागवानों की ओर से किए गए ड्रैगन फ्रूट के ट्रायल पिछले कुछ वर्षों में सफल रहने के बाद विभाग ने मदर ब्लॉक की स्थापना को लेकर योजना पर काम शुरू किया है।
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निदेशक ने किसानों को बांस की खेती के प्रति किया जागरूक
इससे पहले निदेशक ने किसानों से संवाद करते हुए बांस की खेती को खेतों, अनुपजाऊ भूमि, सामुदायिक भूमि, नहरों और जल स्रोतों के किनारे करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में मदद मिलेगी और उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा। निदेशक बागवानी ने कठुआ जिले के अधिकारियों, क्षेत्रीय बागवानी अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों और फील्ड स्टाफ के साथ बैठक की। इस बैठक में केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य बागवानी अधिकारी कठुआ अश्वनी शर्मा, केवीके प्रमुख विशाल महाजन, डीएल-एसएमएस संदीप गुप्ता, कीट विज्ञान विशेषज्ञ बीबी पंगोत्रा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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निदेशक ने कहा कि राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत यह नर्सरी न केवल बांस की खेती को बढ़ावा देगी, बल्कि हस्तशिल्प उद्योग, फर्नीचर निर्माण, वस्त्र उत्पादन और अन्य बांस आधारित उद्यमों को भी सशक्त बनाएगी। बांस की नई उन्नत किस्मों की पैदावार के लिए कठुआ में उपयुक्त मौसम है। ऐसे में यहां की धरती को प्रदेश में सबसे पहले इस तरह के बांस की नर्सरी के लिए चुना गया है। यह जिले में तैयार हुए हस्तशिल्पकारों को जहां कच्चा माल उपलब्ध करवाने में मदद करेगी, बल्कि बागवानी विभाग के हाई डेंसिंटी पौधों को सहारा देने के लिए बांस की जरूरतों को भी पूरा करेगी। जम्मू संभाग के कठुआ जिले में बांस की पैदावार को लेकर अच्छी संभावनाएं है। इसी के लिए सरकार ने बांस मिशन के तहत यहां के स्थानीय लोगों को आसाम में प्रशिक्षण भी दिलाया है।
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उधर, कठुआ जोन के मीरपुर राम स्थित सरकारी फल पौध नर्सरी में 10 कनाल भूमि में ड्रैगन फ्रूट के मदर ब्लॉक को भी स्थापित किया गया है। जिले में निजी स्तर पर कुछ बागवानों की ओर से किए गए ड्रैगन फ्रूट के ट्रायल पिछले कुछ वर्षों में सफल रहने के बाद विभाग ने मदर ब्लॉक की स्थापना को लेकर योजना पर काम शुरू किया है।
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निदेशक ने किसानों को बांस की खेती के प्रति किया जागरूक
इससे पहले निदेशक ने किसानों से संवाद करते हुए बांस की खेती को खेतों, अनुपजाऊ भूमि, सामुदायिक भूमि, नहरों और जल स्रोतों के किनारे करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में मदद मिलेगी और उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा। निदेशक बागवानी ने कठुआ जिले के अधिकारियों, क्षेत्रीय बागवानी अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों और फील्ड स्टाफ के साथ बैठक की। इस बैठक में केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य बागवानी अधिकारी कठुआ अश्वनी शर्मा, केवीके प्रमुख विशाल महाजन, डीएल-एसएमएस संदीप गुप्ता, कीट विज्ञान विशेषज्ञ बीबी पंगोत्रा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।