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Kathua News: बुलंद हौसले से एवरेस्ट को दो बार नापने वाले बलकार सिंह का हुआ भव्य स्वागत
Mon, 23 Jun 2025 01:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 23 Jun 2025 01:30 AM IST
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दूसरी बार माउंट एवरेस्ट पर फतेह हासिल करने के बाद चड़वाल पहुंचने पर सूबेदार मेजर बलकार सिंह का स
- फोटो : kathua
गाड़ी से उतरने पर लोगों ने फहराया तिरंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। सीमावर्ती गांव हरिपुर पाटल निवासी सूबेदार मेजर बलकार सिंह के दूसरी बार माउंट एवरेस्ट पर फतह हासिल करने के बाद गांव वापस लौटने पर स्थानीय लोगों की ओर से उनका स्वागत किया गया। चड़वाल में जब बलकार सिंह अपनी गाड़ी से उतरे तो लोगों ने तिरंगा फहराकर और उन्हें फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। बलकार सिंह अपने फौलादी हौसले के साथ दो बार माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर सेना में सूबेदार मेजर रैंक के पहले पर्वतारोही बन चुके हैं। इससे पहले मई 2016 को उन्होंने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया था।
इस मौके पर उपस्थित स्थानीय पूर्व सरपंच रवि शर्मा ने कहा बलकार सिंह ने माउंट एवरेस्ट पर दूसरी बार चढ़ाई कर न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि गांव और पूरे देश के युवाओं के लिए वह प्रेरणास्रोत बने हैं। क्षेत्र के लोगों को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी चोटी पर फतह हासिल करना यह दर्शाता है कि अगर किसी के हौसले बुलंद हो तो कोई भी चोटी हौसले से बड़ी नहीं है।
बलकार सिंह ने कहा कि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन दृढ़ निश्चय और लोगों की दुआएं हमेशा ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने बताया कि अपने 26 वर्षीय अनुभव में करीब 20 चोटियों की ऊंचाई नाप चुके हैं। जिसमें अविगमन (गढ़वाल), सासर कांगडी (लेह), केदार डूम( गढ़वाल) आदि जैसे पहाड़ों की चोटियां शामिल हैं। चड़वाल व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम सुंदर ने कहा कि बलकार सिंह की बहादुरी और उनका दृढ़ संकल्प क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने दो बार माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर यह साबित किया है कि बुलंद हौसलों से हर परिस्थिति से निपटा जा सकता है। इस मौके पर डीडीसी कर्ण अत्री और बलकार सिंह के परिजन भी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। सीमावर्ती गांव हरिपुर पाटल निवासी सूबेदार मेजर बलकार सिंह के दूसरी बार माउंट एवरेस्ट पर फतह हासिल करने के बाद गांव वापस लौटने पर स्थानीय लोगों की ओर से उनका स्वागत किया गया। चड़वाल में जब बलकार सिंह अपनी गाड़ी से उतरे तो लोगों ने तिरंगा फहराकर और उन्हें फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। बलकार सिंह अपने फौलादी हौसले के साथ दो बार माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर सेना में सूबेदार मेजर रैंक के पहले पर्वतारोही बन चुके हैं। इससे पहले मई 2016 को उन्होंने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया था।
इस मौके पर उपस्थित स्थानीय पूर्व सरपंच रवि शर्मा ने कहा बलकार सिंह ने माउंट एवरेस्ट पर दूसरी बार चढ़ाई कर न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि गांव और पूरे देश के युवाओं के लिए वह प्रेरणास्रोत बने हैं। क्षेत्र के लोगों को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी चोटी पर फतह हासिल करना यह दर्शाता है कि अगर किसी के हौसले बुलंद हो तो कोई भी चोटी हौसले से बड़ी नहीं है।
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बलकार सिंह ने कहा कि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन दृढ़ निश्चय और लोगों की दुआएं हमेशा ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने बताया कि अपने 26 वर्षीय अनुभव में करीब 20 चोटियों की ऊंचाई नाप चुके हैं। जिसमें अविगमन (गढ़वाल), सासर कांगडी (लेह), केदार डूम( गढ़वाल) आदि जैसे पहाड़ों की चोटियां शामिल हैं। चड़वाल व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम सुंदर ने कहा कि बलकार सिंह की बहादुरी और उनका दृढ़ संकल्प क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने दो बार माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर यह साबित किया है कि बुलंद हौसलों से हर परिस्थिति से निपटा जा सकता है। इस मौके पर डीडीसी कर्ण अत्री और बलकार सिंह के परिजन भी मौजूद रहे।
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