{"_id":"62e2faf4d737b76794092354","slug":"awearness-kathua-news-kathua-news-jmu264892558","type":"story","status":"publish","title_hn":"लिवर में सूजन व जलन को हल्के में न लें, इलाज कराएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लिवर में सूजन व जलन को हल्के में न लें, इलाज कराएं
विज्ञापन
बसोहली। राजकीय डिग्री कॉलेज बसोहली में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर वीरवार को व्याख्यान करवाया गया। डॉ. गौतम सिंह ने स्वागती भाषण से कार्यक्रम की शुरुआत की। सहायक प्रोफेसर डॉ. शिव कुमार ने इस रोग के इतिहास, कारण, लक्षण और बचाव उपायों से विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने एक्यूट और क्रॉनिक हेपेटाइटिस के बारे में बताते कहा कि कई लोगों को पता नहीं होता कि वे इससे संक्रमित हैं। क्योंकि उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते, जिनके सामने आने में कई साल लग सकते हैं। लिवर में होने वाली किसी भी शुरुआती समस्या में पीलिया, लिवर में सूजन, जलन आदि हो सकता है। इस तरह की कोई भी परेशानी उपचार के अभाव में हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी जन्म देती है। हेपेटाइटिस लिवर की वायरस जनित बीमारी है। ब्लड टेस्ट से इसकी पहचान की जा सकती है।
इस व्याख्यान में कॉलेज के 35 छात्रों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. निधि कोतवाल ने कार्यक्रम के लिए समिति के सदस्यों डॉ. जीवन कुमार और प्रोफेसर भ्रम दत्त के प्रयासों की सराहना की।
-----
बीमारी के मुख्य लक्षण
- जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द होना
- आंखों व त्वचा का रंग पीला पड़ना
- बुखार आना या हल्का बुखार बना रहना
- लगातार वजन गिरना और उल्टियां होना, भूख क लगना
- उल्टी में रक्त का आ जाना या चक्कर खाकर बेहोश हो जाना
- घबराहट होना, थकान महसूस करना और थोड़ा काम करने में ही हांफने लगना
-
बचाव के उपाय
- तेल युक्त खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं
- योग, व्यायाम और टहलने की आदत डालें
- शराब, तंबाकूऔर धूम्रपान का सेवन न करें
- पौष्टिक और सुपाच्य आहार लें, वजन नियंत्रित रखें
- केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, अल्कोहल, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ के सेवन से परहेज करें
विज्ञापन
इस व्याख्यान में कॉलेज के 35 छात्रों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. निधि कोतवाल ने कार्यक्रम के लिए समिति के सदस्यों डॉ. जीवन कुमार और प्रोफेसर भ्रम दत्त के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन
-----
बीमारी के मुख्य लक्षण
- जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द होना
- आंखों व त्वचा का रंग पीला पड़ना
- बुखार आना या हल्का बुखार बना रहना
- लगातार वजन गिरना और उल्टियां होना, भूख क लगना
- उल्टी में रक्त का आ जाना या चक्कर खाकर बेहोश हो जाना
- घबराहट होना, थकान महसूस करना और थोड़ा काम करने में ही हांफने लगना
-
बचाव के उपाय
- तेल युक्त खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं
- योग, व्यायाम और टहलने की आदत डालें
- शराब, तंबाकूऔर धूम्रपान का सेवन न करें
- पौष्टिक और सुपाच्य आहार लें, वजन नियंत्रित रखें
- केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, अल्कोहल, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ के सेवन से परहेज करें