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सेना भर्ती के अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
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सेना में बीते साल शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा न करवाए जाने पर कालीबड़ी में प्रद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। सेना भर्ती में शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों ने रविवार को शहर के कालीबड़ी चौक पर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने कहा कि सेना भर्ती रैली को हुए एक साल से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक लिखित परीक्षा नहीं कराई गई। इससे भारतीय सेना का अंग बनने का सपना देखने वाले युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि जल्द ही लिखित परीक्षा नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमरीश जसरोटिया ने कहा कि जम्मू संभाग के युवाओं में भारतीय सेना का हिस्सा बनने का जुनून है। इसके लिए बड़ी संख्या में युवा वर्षों से तैयारी भी करते हैं। ऐसे में शारीरिक परीक्षा पास करने वाले युवाओं की लिखित परीक्षा न कराने से कई युवाओं की उम्र सेना भर्ती की निर्धारित उम्र से अधिक होने वाली है। अगर जल्द भर्ती शुरू नहीं हुई तो कई युवा सेना भर्ती में शामिल नही हो पाएंगे।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि सेना भर्ती में शारीरिक परीक्षा पास किए हुए उन्हें एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। इसमें कठुआ जिले के 15 सौ के करीब युवाओं ने शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द भर्ती प्रक्रिया होगी और उन्हें सेना में सेवा करने का मौका मिलेगा। लेकिन लंबा अरसा बीतने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इससे युवा बेरोजगारों का भविष्य अंधकारमय में हो गया है। वहीं प्रदर्शनकारियों में शामिल दीपक शर्मा ने कहा कि जम्मू संभाग के पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले युवाओं में भारतीय सेना के प्रति एक अलग ही जुनून होता है। लेकिन लिखित परीक्षा न होने के कारण इस इलाके से आने वाले युवाओं में निराशा है। शारीरिक परीक्षा होने के बाद से पांच बार लिखित परीक्षा के लिए तिथियों की घोषणा तो हुई लेकिन कभी कोरोना और कभी अन्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। इससे युवा परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द परीक्षा को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वह आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन में विश्व जसरोटिया, हर्ष राजपूत, अमन जसरोटिया, साहिल सुंबड़िया, लक्ष्मण जसरोटिया, मोहित कुमार आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमरीश जसरोटिया ने कहा कि जम्मू संभाग के युवाओं में भारतीय सेना का हिस्सा बनने का जुनून है। इसके लिए बड़ी संख्या में युवा वर्षों से तैयारी भी करते हैं। ऐसे में शारीरिक परीक्षा पास करने वाले युवाओं की लिखित परीक्षा न कराने से कई युवाओं की उम्र सेना भर्ती की निर्धारित उम्र से अधिक होने वाली है। अगर जल्द भर्ती शुरू नहीं हुई तो कई युवा सेना भर्ती में शामिल नही हो पाएंगे।
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प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि सेना भर्ती में शारीरिक परीक्षा पास किए हुए उन्हें एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। इसमें कठुआ जिले के 15 सौ के करीब युवाओं ने शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द भर्ती प्रक्रिया होगी और उन्हें सेना में सेवा करने का मौका मिलेगा। लेकिन लंबा अरसा बीतने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इससे युवा बेरोजगारों का भविष्य अंधकारमय में हो गया है। वहीं प्रदर्शनकारियों में शामिल दीपक शर्मा ने कहा कि जम्मू संभाग के पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले युवाओं में भारतीय सेना के प्रति एक अलग ही जुनून होता है। लेकिन लिखित परीक्षा न होने के कारण इस इलाके से आने वाले युवाओं में निराशा है। शारीरिक परीक्षा होने के बाद से पांच बार लिखित परीक्षा के लिए तिथियों की घोषणा तो हुई लेकिन कभी कोरोना और कभी अन्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। इससे युवा परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द परीक्षा को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वह आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन में विश्व जसरोटिया, हर्ष राजपूत, अमन जसरोटिया, साहिल सुंबड़िया, लक्ष्मण जसरोटिया, मोहित कुमार आदि शामिल रहे।
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