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Kathua News: प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण के नाम पर परेशान करने का लगाया आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। आरटीओ कठुआ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों ने कार्यालय के अधिकारियों पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाइसेंस के लिए ट्रायल देने आए आवेदकों को प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण और ड्राइविंग स्कूल से मिलने वाले प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के लिए परेशान किया जा रहा है।
बिलावर से आए जतिन ने बताया कि शुक्रवार को जब वह ट्रायल के लिए आए तो प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण में कमी बता दी गई है, जबकि उनके साथ एक अन्य युवा जो पिछली बार होने वाले ट्रायल को पास भी कर चुका है। उसे भी लाइसेंस के लिए अब नया प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण बनवाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बाद भी वह लोग जैसे-तैसे ट्रायल के लिए आए थे लेकिन उन्हें अब वापस जाना पड़ रहा है।
इसी तरह, जुथाना से आए मोहम्मद का कहना था कि वह आज दूसरी बार ट्रायल देने के लिए हैं। पहली बार लाए गए दस्तावेजों के आधार पर ही उन्हें ट्रायल की अनुमति दी गई थी, मगर इस बार उन्हें दस्तावेजों को दोबारा बनवाने के लिए कहा जा रहा है।
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इस संबंध में एआरटीओ शम्मी कुमार का कहना है कि सरकार की ओर से भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण और ड्राइविंग स्कूल से मिलने वाले प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। कुछ आवेदकों के प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण न तो संस्थान की ओर से जारी किए गए हैं और न ही उस पर प्रशिक्षण हासिल करने की तिथि अंकित है। ऐसे में उन आवेदकों को नए प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा गया है जबकि अन्य आवेदकों के ट्रायल लिए जा रहे हैं।
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कठुआ। आरटीओ कठुआ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों ने कार्यालय के अधिकारियों पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाइसेंस के लिए ट्रायल देने आए आवेदकों को प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण और ड्राइविंग स्कूल से मिलने वाले प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के लिए परेशान किया जा रहा है।
बिलावर से आए जतिन ने बताया कि शुक्रवार को जब वह ट्रायल के लिए आए तो प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण में कमी बता दी गई है, जबकि उनके साथ एक अन्य युवा जो पिछली बार होने वाले ट्रायल को पास भी कर चुका है। उसे भी लाइसेंस के लिए अब नया प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण बनवाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बाद भी वह लोग जैसे-तैसे ट्रायल के लिए आए थे लेकिन उन्हें अब वापस जाना पड़ रहा है।
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इसी तरह, जुथाना से आए मोहम्मद का कहना था कि वह आज दूसरी बार ट्रायल देने के लिए हैं। पहली बार लाए गए दस्तावेजों के आधार पर ही उन्हें ट्रायल की अनुमति दी गई थी, मगर इस बार उन्हें दस्तावेजों को दोबारा बनवाने के लिए कहा जा रहा है।
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इस संबंध में एआरटीओ शम्मी कुमार का कहना है कि सरकार की ओर से भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण और ड्राइविंग स्कूल से मिलने वाले प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। कुछ आवेदकों के प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण न तो संस्थान की ओर से जारी किए गए हैं और न ही उस पर प्रशिक्षण हासिल करने की तिथि अंकित है। ऐसे में उन आवेदकों को नए प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा गया है जबकि अन्य आवेदकों के ट्रायल लिए जा रहे हैं।