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Kathua News: समान भर्ती, समान भत्ते की मांग को लेकर संविदा लेक्चररों का प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। समान भर्ती और समान भत्ते की मांग को लेकर राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में तैनात संविदा लेक्चररों ने सोमवार को प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष विभिन्न कॉलेजों में करीब नौ माह के अनुबंध पर नियुक्त किए जाने के बावजूद उन्हें मात्र 28 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने यूजीसी के नियमों के अनुरूप वेतन और अन्य सुविधाएं देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान संविदा लेक्चरर डॉ. शौकत ने कहा कि ये लेक्चरर लंबे समय से जम्मू-कश्मीर के सरकारी डिग्री कॉलेजों में विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम को पूरा करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की कमी के बीच संविदा लेक्चरर विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारु रखने का जिम्मा संभालते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी योग्यता और जिम्मेदारी के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि इन सभी को लगभग नौ माह के अनुबंध पर नियुक्त किया जाता है और उन्हें छुट्टियों की अवधि का वेतन भी नहीं दिया जाता। नियुक्ति से पहले उन्हें लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और इसके बाद ही कॉलेजों में तैनाती मिलती है।
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-- प्रदर्शनकारियों ने वेतन में असमानता का मुद्दा उठाया। जिसमें कहा कि लद्दाख में इसी प्रकार की सेवाएं दे रहे संविदा लेक्चररों को 57 हजार रुपये से अधिक का वेतन मिल रहा है, जबकि जम्मू-कश्मीर में उन्हें केवल 28 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। उनका सवाल था कि जब काम और शैक्षणिक योग्यता में समानता है तो वेतन में इतना अंतर क्यों रखा जा रहा है। लेक्चररों ने कहा कि बड़ी संख्या में संविदा लेक्चरर नेट और पीएचडी जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यता रखते हैं। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से कम वेतन पर सेवाएं देनी पड़ रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि उनकी योग्यता, जिम्मेदारियों और यूजीसी के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए वेतन में उचित संशोधन किया जाए।
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कॉलेजों में खाली पद भरने की भी मांग
-- प्रदर्शनकारियों ने सरकारी डिग्री कॉलेजों में विभिन्न विषयों के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को नियमित भर्ती प्रक्रिया कर कांट्रेक्ट लेक्चरर के पदों पर स्थायी बहाली करनी चाहिए। ताकि बेरोजगार युवाओं को स्थाई नौकरी मिल सके। लेक्चररों ने बताया कि सोमवार का प्रदर्शन और हड़ताल एक दिन के लिए की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है तथा अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाने पर भी विचार किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। समान भर्ती और समान भत्ते की मांग को लेकर राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में तैनात संविदा लेक्चररों ने सोमवार को प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष विभिन्न कॉलेजों में करीब नौ माह के अनुबंध पर नियुक्त किए जाने के बावजूद उन्हें मात्र 28 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने यूजीसी के नियमों के अनुरूप वेतन और अन्य सुविधाएं देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान संविदा लेक्चरर डॉ. शौकत ने कहा कि ये लेक्चरर लंबे समय से जम्मू-कश्मीर के सरकारी डिग्री कॉलेजों में विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम को पूरा करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की कमी के बीच संविदा लेक्चरर विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारु रखने का जिम्मा संभालते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी योग्यता और जिम्मेदारी के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि इन सभी को लगभग नौ माह के अनुबंध पर नियुक्त किया जाता है और उन्हें छुट्टियों की अवधि का वेतन भी नहीं दिया जाता। नियुक्ति से पहले उन्हें लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और इसके बाद ही कॉलेजों में तैनाती मिलती है।
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कॉलेजों में खाली पद भरने की भी मांग