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Kathua News: हाईवे पर मवेशियों का जाम, खतरे में जान
Mon, 04 Dec 2023 12:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 04 Dec 2023 12:23 AM IST
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- मवेशियों को गौशाला भेजने और इन्हें खुला छोड़ने वाले मालिकों पर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। हाईवे पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या वाहन चालकों के लिए परेशानी बनती जा रही है। हाईवे के विस्तारीकरण और एक्सप्रेस-वे के निर्माण के चलते कई जगहों पर हाईवे संकरा हो गया है। ऐसे में सड़कों के बीच घूमते आवारा मवेशी दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। खासतौर पर रात के समय हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों की मांग है कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को प्रशासन गौशालाओं में पहुंचाने का काम करे और जो लोग इन्हें घरों से निकालकर हाईवे पर छोड़ते हैं उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुनील कुमार ने कहा कि हाईवे पर आवारा पशु दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ज्यादातर लोग दूध न देने वाली गायों को या फिर बछड़ों को घर से निकाल कर हाईवे की ओर धकेल देते हैं। यह हादसों का कारण बन रहे हैं। पिछले हफ्ते गुड़ा मुंडिया में सड़क पर अचानक बेल आगे आने से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी की जोरदार टक्कर हो गई। गाड़ी में एयरबैग खुलने से इसमें बैठा परिवार सुरक्षित रहा, लेकिन बैल की मौके पर मौत हो गई। यह हादसा दिन में हुआ था, लेकिन रात के समय इस तरह के हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि आवारा पशुओं को किसी गाड़ी में डालकर गौशालाओं में छोड़ना चाहिए। ताकि हाईवे पर न इनको कोई नुकसान हो और न ही वाहन चालकों को।
संजीव सिंह ने कहा हाईवे पर डिवाइडर पर उगी झाड़ियों में छिपे आवारा मवेशी अचानक सड़कों पर उतर आते हैं। जिनकी वजह से अक्सर हादसे होते हैं। इस तरह के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को गंभीरता से इस पर काम करना चाहिए। यहां से मवेशियों को कहीं और ले जाया जाना चाहिए और इसके साथ ही जो लोग घरों से पशुओं को निकालकर यहां छोड़ देते हैं उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए घातक साबित हो रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। हाईवे पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या वाहन चालकों के लिए परेशानी बनती जा रही है। हाईवे के विस्तारीकरण और एक्सप्रेस-वे के निर्माण के चलते कई जगहों पर हाईवे संकरा हो गया है। ऐसे में सड़कों के बीच घूमते आवारा मवेशी दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। खासतौर पर रात के समय हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों की मांग है कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को प्रशासन गौशालाओं में पहुंचाने का काम करे और जो लोग इन्हें घरों से निकालकर हाईवे पर छोड़ते हैं उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुनील कुमार ने कहा कि हाईवे पर आवारा पशु दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ज्यादातर लोग दूध न देने वाली गायों को या फिर बछड़ों को घर से निकाल कर हाईवे की ओर धकेल देते हैं। यह हादसों का कारण बन रहे हैं। पिछले हफ्ते गुड़ा मुंडिया में सड़क पर अचानक बेल आगे आने से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी की जोरदार टक्कर हो गई। गाड़ी में एयरबैग खुलने से इसमें बैठा परिवार सुरक्षित रहा, लेकिन बैल की मौके पर मौत हो गई। यह हादसा दिन में हुआ था, लेकिन रात के समय इस तरह के हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि आवारा पशुओं को किसी गाड़ी में डालकर गौशालाओं में छोड़ना चाहिए। ताकि हाईवे पर न इनको कोई नुकसान हो और न ही वाहन चालकों को।
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संजीव सिंह ने कहा हाईवे पर डिवाइडर पर उगी झाड़ियों में छिपे आवारा मवेशी अचानक सड़कों पर उतर आते हैं। जिनकी वजह से अक्सर हादसे होते हैं। इस तरह के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को गंभीरता से इस पर काम करना चाहिए। यहां से मवेशियों को कहीं और ले जाया जाना चाहिए और इसके साथ ही जो लोग घरों से पशुओं को निकालकर यहां छोड़ देते हैं उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए घातक साबित हो रही है।
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