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Kathua News: यात्रा में गिरावट, सिमटने लगे लंगर
Mon, 28 Jul 2025 01:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 28 Jul 2025 01:00 AM IST
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खरोट मोड़ लंगर को समेटने के काम में लगे सेवादार। संवाद
बालटाल की घटना के बाद से श्री अमरनाथ यात्रा में आई कमी, सात से घटकर तीन रह गए काफिले
कठुआ। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए देश भर से आने वाले भक्तों का सिलसिला अब कम होने लगा है। यात्रा के शुरुआती चरण में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं को लखनपुर से भेजने के लिए की गई व्यवस्था के तहत सात काफिले रवाना किए जाते थे।
इनमें कम से कम 20 वाहन शामिल होते थे। मौजूदा समय में 24 घंटे के दौरान तीन काफिले ही निकल रहे हैं। इनमें भी वाहनों की संख्या घटकर चार से पांच रह गई है। यात्रा के काफिले प्रबंधन में लगे डीटीआई कपिल मन्हास के अनुसार शुरुआती दौर में प्रतिदिन लखनपुर के रास्ते 3000 से ज्यादा भक्त प्रतिदिन आ रहे थे लेकिन अब दिन में 500 से ज्यादा भक्त नहीं पहुंच पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भक्तों की यह कमी बालटाल घटना के बाद से आई है जो निरंतर घटती जा रही है। भक्तों की संख्या में आई गिरावट के चलते सीमा में लगने वाले लंगरों ने कामकाज को समेटना शुरू कर दिया है। रविवार को खरोट मोड़ में शिवोहम सेवा मंडल अमृतसर ने लंगर को समेट लिया।
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लंगर सेवादार अजय सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान भक्तों की सेवा के इरादे से लगाए गए लंगर में अब श्रद्धालुओं की कमी के चलते सेवादारों में भी उत्साह कम हो गया है। इसके चलते फिलहाल लंगर को बंद किया जा रहा है।
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कठुआ। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए देश भर से आने वाले भक्तों का सिलसिला अब कम होने लगा है। यात्रा के शुरुआती चरण में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं को लखनपुर से भेजने के लिए की गई व्यवस्था के तहत सात काफिले रवाना किए जाते थे।
इनमें कम से कम 20 वाहन शामिल होते थे। मौजूदा समय में 24 घंटे के दौरान तीन काफिले ही निकल रहे हैं। इनमें भी वाहनों की संख्या घटकर चार से पांच रह गई है। यात्रा के काफिले प्रबंधन में लगे डीटीआई कपिल मन्हास के अनुसार शुरुआती दौर में प्रतिदिन लखनपुर के रास्ते 3000 से ज्यादा भक्त प्रतिदिन आ रहे थे लेकिन अब दिन में 500 से ज्यादा भक्त नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि भक्तों की यह कमी बालटाल घटना के बाद से आई है जो निरंतर घटती जा रही है। भक्तों की संख्या में आई गिरावट के चलते सीमा में लगने वाले लंगरों ने कामकाज को समेटना शुरू कर दिया है। रविवार को खरोट मोड़ में शिवोहम सेवा मंडल अमृतसर ने लंगर को समेट लिया।
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लंगर सेवादार अजय सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान भक्तों की सेवा के इरादे से लगाए गए लंगर में अब श्रद्धालुओं की कमी के चलते सेवादारों में भी उत्साह कम हो गया है। इसके चलते फिलहाल लंगर को बंद किया जा रहा है।