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रोकी जाए जमीनों को खाली करवाने की कार्रवाई
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कठुआ स्थित शहीद भगत सिंह पार्क में सरकार द्वारा भूमि लिए जाने से प्रभावित हुए किसानों की समस्या स
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले में शुरू हुई सरकारी भूमि खाली कराने की कवायद से परेशान किसानों का शिष्टमंडल डीसी राहुल यादव से मिला। किसानों ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाते हुए कार्रवाई को रोकने की मांग की। हालांकि डीसी ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई को रोकने में अपनी असमर्थता जताई है।
मंगलवार को डीसी कार्यालय पहुंचे कीड़ियां गंडयाल, बरनोटी, मढ़ीन और कठुआ के सैकड़ों किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कृषि प्रधान जिला के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली ज्यादातर आबादी के भरण-पोषण का साधन कृषि है। जिनमें ज्यादातर किसान वर्षों से सरकारी भूमि को आबाद कर वहां से अपनी जीविका चला रहे है। अगर उनसे इस तरह से जमीन ले ली जाती है तो उनका गुजर-बसर असंभव हो जाएगा।
वहीं इस मौके पर मढ़ीन ब्लाक से जिला विकास परिषद सदस्य करण कुमार अत्री ने कहा कि उनके ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग खेती-बाड़ी के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण वर्षों से करते आ रहे हैं। लेकिन कोर्ट के एक आदेश के बाद उन पर संकट के बादल छा गए है। इस मौके भाजपा जिला प्रधान गोपाल महाजन ने किसानों का आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी पहले भी लोगों के साथ थी और आज संकट की इस घड़ी में भी वह उनके साथ हैं। इस समस्या के बाबत केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के माध्यम से सरकार तक लोगों की समस्या पहुंचाई गई है। उम्मीद है कि वहां से कोई न कोई समाधान निकलेगा।
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जबकि कीड़िया गंडयाल से जिला विकास परिषद सदस्य डॉ. श्वेता ने किसानों को आश्वासन दिया कि पार्टी का हर नेता किसानों के सुख-दुख में उनके साथ है। अगर कोई भी समाधान नही निकलता है तो भी यह समस्या हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद सामने आई है। तो इसके समाधान के लिए कोर्ट की ही शरण ली जाएगी लेकिन किसानों के साथ किसी तरह की नाइंसाफी नही होने दिया जाएगा। इस मौके पर बरनोटी ब्लाक से जिला विकास परिषद सदस्य सुषमा रानी, इंद्रजीत, शेर अली, मोहम्मद आजम, विकास शर्मा, ज्योति प्रसाद सहित काफी संख्या में लोग शामिल रहे। वहीं, विपक्षी दलों का समर्थन करने वालों ने किसानों से जमीन खाली कराए जाने को सरकार की साजिश करार दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। हटली गांव के पूर्व सरपंच रमेश गुप्ता ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों को बसाने के लिए रोशनी एक्ट के तहत जमीने दी थी। जिसे अब वापस लेकर किसानों की कमर तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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मंगलवार को डीसी कार्यालय पहुंचे कीड़ियां गंडयाल, बरनोटी, मढ़ीन और कठुआ के सैकड़ों किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कृषि प्रधान जिला के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली ज्यादातर आबादी के भरण-पोषण का साधन कृषि है। जिनमें ज्यादातर किसान वर्षों से सरकारी भूमि को आबाद कर वहां से अपनी जीविका चला रहे है। अगर उनसे इस तरह से जमीन ले ली जाती है तो उनका गुजर-बसर असंभव हो जाएगा।
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वहीं इस मौके पर मढ़ीन ब्लाक से जिला विकास परिषद सदस्य करण कुमार अत्री ने कहा कि उनके ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग खेती-बाड़ी के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण वर्षों से करते आ रहे हैं। लेकिन कोर्ट के एक आदेश के बाद उन पर संकट के बादल छा गए है। इस मौके भाजपा जिला प्रधान गोपाल महाजन ने किसानों का आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी पहले भी लोगों के साथ थी और आज संकट की इस घड़ी में भी वह उनके साथ हैं। इस समस्या के बाबत केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के माध्यम से सरकार तक लोगों की समस्या पहुंचाई गई है। उम्मीद है कि वहां से कोई न कोई समाधान निकलेगा।
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जबकि कीड़िया गंडयाल से जिला विकास परिषद सदस्य डॉ. श्वेता ने किसानों को आश्वासन दिया कि पार्टी का हर नेता किसानों के सुख-दुख में उनके साथ है। अगर कोई भी समाधान नही निकलता है तो भी यह समस्या हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद सामने आई है। तो इसके समाधान के लिए कोर्ट की ही शरण ली जाएगी लेकिन किसानों के साथ किसी तरह की नाइंसाफी नही होने दिया जाएगा। इस मौके पर बरनोटी ब्लाक से जिला विकास परिषद सदस्य सुषमा रानी, इंद्रजीत, शेर अली, मोहम्मद आजम, विकास शर्मा, ज्योति प्रसाद सहित काफी संख्या में लोग शामिल रहे। वहीं, विपक्षी दलों का समर्थन करने वालों ने किसानों से जमीन खाली कराए जाने को सरकार की साजिश करार दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। हटली गांव के पूर्व सरपंच रमेश गुप्ता ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों को बसाने के लिए रोशनी एक्ट के तहत जमीने दी थी। जिसे अब वापस लेकर किसानों की कमर तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।