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मंडलायुक्त के समक्ष रखीं शिक्षा विभाग की समस्याएं
Kathua
Updated Sat, 12 Jul 2014 05:32 AM IST
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कठुआ। लंबित वेतन सहित अन्य मांगाें को लेकर जम्मू कश्मीर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन ने मंडलायुक्त शांतमनु से जम्मू स्थित कार्यालय में मिलकर शिक्षकों और शिक्षा विभाग की समस्याएं बतायीं और उनकी विभिन्न मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई।
शिष्टमंडल की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष हरी सिंह ने कहा कि केंद्रीय योजना सर्व शिक्षा अभियान तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों को छह महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। अधिकतर शिक्षकों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। लिहाजा उनके वेतन को त्वरित रूप से जारी करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसी तरह से उन्होंने मांग पत्र के माध्यम से अंडर ग्रेजुएट टीचर्स की वेतन विसंगतियां दूर करने, सिलेक्शन ग्रेड जारी करने, शिक्षा विभाग में हर कैडर की पदोनति व हेडमास्टर, लेक्चरर और प्रिंसिपल को नियमित करने की व्यवस्था करने पर जोर दिया। शिष्टमंडल में शामिल सदस्यों ने राज्य सरकार से 10 फीसदी महंगाई भत्ता जारी करने, सकल घरेलू उत्पाद का 10 फीसदी शिक्षा क्षेत्र में खर्च करने और जम्मू कश्मीर में शिक्षा के अधिकार को लागू करने की मांग की। इस अवसर पर उन्होंने तबादला नीति को पारदर्शी बनाने पर भी विशेष जोर दिया। शिष्टमंडल में डा. शशिपाल सिंह, राजीव कुमार, प्रदीप सिंह, राजकुमार, चमेल सिंह, जुल्फकार अली शामिल थे।
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शिष्टमंडल की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष हरी सिंह ने कहा कि केंद्रीय योजना सर्व शिक्षा अभियान तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों को छह महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। अधिकतर शिक्षकों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। लिहाजा उनके वेतन को त्वरित रूप से जारी करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसी तरह से उन्होंने मांग पत्र के माध्यम से अंडर ग्रेजुएट टीचर्स की वेतन विसंगतियां दूर करने, सिलेक्शन ग्रेड जारी करने, शिक्षा विभाग में हर कैडर की पदोनति व हेडमास्टर, लेक्चरर और प्रिंसिपल को नियमित करने की व्यवस्था करने पर जोर दिया। शिष्टमंडल में शामिल सदस्यों ने राज्य सरकार से 10 फीसदी महंगाई भत्ता जारी करने, सकल घरेलू उत्पाद का 10 फीसदी शिक्षा क्षेत्र में खर्च करने और जम्मू कश्मीर में शिक्षा के अधिकार को लागू करने की मांग की। इस अवसर पर उन्होंने तबादला नीति को पारदर्शी बनाने पर भी विशेष जोर दिया। शिष्टमंडल में डा. शशिपाल सिंह, राजीव कुमार, प्रदीप सिंह, राजकुमार, चमेल सिंह, जुल्फकार अली शामिल थे।
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