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चार दशक से नहीं बढ़ा स्कूल का दर्जा
Kathua
Updated Tue, 14 Jan 2014 05:48 AM IST
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कठुआ। जसरोटा मिडिल स्कूल का दर्जा न बढ़ाए जाने से क्षेत्र के बच्चे शिक्षा के मामले में पिछड़ रहे हैं। आठवीं से आगे की शिक्षा लेने के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग को फिर दोहराया है।
स्थानीय निवासी टीएस वजीर, अमरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, अवतार सिंह, मोहन लाल, परमवीर सिंह आदि ने कहा कि पिछले चार दशकों से गांव में सिर्फ मिडिल स्कूल ही है। एक वर्ष पहले उन्होंने विधायक से स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग की थी। तब मांग पत्र मुख्य शिक्षा अधिकारी को भी भेजा गया था। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया गया। लोगों ने कहा कि यहां के विद्याथियों को आगे की शिक्षा पाने के लिए फोरलेन या फिर बाक्खता जाना पड़ता है जो करीब सात किलोमीटर दूर है। राजबाग में भी हाई स्कूल है, लेकिन वह भी चार किलोमीटर दूर है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर और दूसरी ओर नालों को पार कर आगे की शिक्षा के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई है कि स्कूल का दर्ज बढ़ाया जाए।
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स्थानीय निवासी टीएस वजीर, अमरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, अवतार सिंह, मोहन लाल, परमवीर सिंह आदि ने कहा कि पिछले चार दशकों से गांव में सिर्फ मिडिल स्कूल ही है। एक वर्ष पहले उन्होंने विधायक से स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग की थी। तब मांग पत्र मुख्य शिक्षा अधिकारी को भी भेजा गया था। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया गया। लोगों ने कहा कि यहां के विद्याथियों को आगे की शिक्षा पाने के लिए फोरलेन या फिर बाक्खता जाना पड़ता है जो करीब सात किलोमीटर दूर है। राजबाग में भी हाई स्कूल है, लेकिन वह भी चार किलोमीटर दूर है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर और दूसरी ओर नालों को पार कर आगे की शिक्षा के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई है कि स्कूल का दर्ज बढ़ाया जाए।
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