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तोगड़िया से अभद्र व्यवहार हिंदू समाज का अपमान
Kathua
Updated Sat, 23 Feb 2013 05:30 AM IST
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कठुआ। विश्व हिंदू परिषद के फायर ब्रांड नेता प्रवीण तोगड़िया को जम्मू एयरपोर्ट पर हिरासत में लेकर वापस भेजने से बिफरे हिंदू संगठनों का गुस्सा उबल पड़ा है। शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद समेत बजरंग दल, एबीवीपी, भाजपा के पदाधिकारियाें ने संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया। ब्राह्मण सभा से प्रदर्शनकारी रोष जलूस निकालते हुए शहर के मुखर्जी चौक से सटे नए पुल पर एकत्रित हो गए। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि रियासत में हिंदू समाज के प्रति दमनकारी नीतियाें के खिलाफ हिंदू संगठन व्यापक आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शनकारियों में शामिल देविंदर शर्मा, ज्ञान सिंह पठानिया, राहुल देव, संजय, विद्या सागर, साईंदास गुप्ता, गोपाल महाजन और हरीश चिंगारी ने कहा कि देश में हिंदू समाज बहुसंख्यक हैं, लेकिन रियासत में अल्पसंख्यक होने की वजह से उन्हें सरकार की दमनकारी नीतियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद का समर्थन करने वाली ताकतों को जानबूझ कर मजबूती दी जा रही है। रियासत की सरकार और मुख्यमंत्री ने समय-समय पर अपनी बयानबाजी से राज्य की देश से एकता और अखंडता को चुनौती दी है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले प्रवीण तोगड़िया रियासत में आते हैं तो सरकार अपना आपा खो बैठती है। उन्होंने कहा कि प्रवीण तोगड़िया जैसे राष्ट्र समर्पित व्यक्तित्व के साथ सरकार के आपत्तिजनक व्यवहार ने हिंदू समाज को आक्रोश में ला दिया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तोगड़िया जैसे नेता को हिरासत में लेकर उन्हें जबरी वापस भेजने जैसी हिमाकत करने वाली सरकार की हिंदू संगठन ईंट से ईंट बजा देंगे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त घटना से उपजे आक्रोश का सरकार को सामना करना पड़ सकता है। जरूरत पड़ने पर हिंदू समाज व्यापक आंदोलन चलाने को मजबूर होगा। ऐसे में सरकार को यदि कायदा कानून संबंधी समस्या से जूझना पड़ता है तो उसके लिए सरकार खुद जिम्मेवार होगी।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल देविंदर शर्मा, ज्ञान सिंह पठानिया, राहुल देव, संजय, विद्या सागर, साईंदास गुप्ता, गोपाल महाजन और हरीश चिंगारी ने कहा कि देश में हिंदू समाज बहुसंख्यक हैं, लेकिन रियासत में अल्पसंख्यक होने की वजह से उन्हें सरकार की दमनकारी नीतियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद का समर्थन करने वाली ताकतों को जानबूझ कर मजबूती दी जा रही है। रियासत की सरकार और मुख्यमंत्री ने समय-समय पर अपनी बयानबाजी से राज्य की देश से एकता और अखंडता को चुनौती दी है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले प्रवीण तोगड़िया रियासत में आते हैं तो सरकार अपना आपा खो बैठती है। उन्होंने कहा कि प्रवीण तोगड़िया जैसे राष्ट्र समर्पित व्यक्तित्व के साथ सरकार के आपत्तिजनक व्यवहार ने हिंदू समाज को आक्रोश में ला दिया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तोगड़िया जैसे नेता को हिरासत में लेकर उन्हें जबरी वापस भेजने जैसी हिमाकत करने वाली सरकार की हिंदू संगठन ईंट से ईंट बजा देंगे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त घटना से उपजे आक्रोश का सरकार को सामना करना पड़ सकता है। जरूरत पड़ने पर हिंदू समाज व्यापक आंदोलन चलाने को मजबूर होगा। ऐसे में सरकार को यदि कायदा कानून संबंधी समस्या से जूझना पड़ता है तो उसके लिए सरकार खुद जिम्मेवार होगी।
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