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शिंदे के बयान पर भाजपा, संघ में उबाल

Kathua Updated Fri, 25 Jan 2013 05:31 AM IST
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कठुआ। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान पर भारतीय जनता पार्टी और संघ परिवार का गुस्सा फूटने लगा है। विवादित बयान पर बिफरे पार्टी और परिवार के सदस्यों ने शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गृह मंत्री की शव यात्रा निकाली गई। बाकायदा विलाप हुआ फिर उसके बाद पुतला फूंक कर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय सरकार को कड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
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भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला कार्यालय से एकत्रित होकर जुलूस की शक्ल में निकले प्रदर्शनकारियों ने शहीदी चौक से होकर एसएसपी कार्यालय तक रोष मार्च किया। केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे और यूपीए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने जमकर रोष जताया। एसएसपी कार्यालय के पास से वापस शहीदी चौक पर पुतला फूंका गया। इस दौरान भाजयुमो के जिलाध्यक्ष गोपाल महाजन ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार में लोग अपने घर परिवार को त्याग कर देशहित में संघर्ष कर रहे हैं। राष्ट्रीय भावना को प्रबल करना यूपीए सरकार और उसके मंत्रियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा। रघुनंदन सिंह बबलू ने कहा कि भगवा रंग तिरंगे का हिस्सा है, जिसके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल तिरंगे का ही अपमान है। देश की भावनाएं भड़काने की कोशिश यूपीए सरकार और उसके बड़बोले मंत्रियों को भारी पड़ सकती है। इसी तरह से प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष चग्गर सिंह, वरिष्ठ नेता प्रो. साइंदास गुप्ता, जनक भारती, प्रेमनाथ डोगरा, विद्या सागर, नवीन पाधा, हरीश चिंगारी, तिलक राज शर्मा, बिशन भारती और महिला विंग से चंचला देवी ने यूपीए सरकार को देश विरेाधी करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं को यूपीए सरकार के मंत्री साहब कहकर बुलाते हैं जबकि राष्ट्रभक्त संगठन उनकी नजर में आतंकवादी हैं। इस तरह की बयानबाजी दर्शाती है कि सत्ता के नशे में चूर मंत्री अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और यूपीए सरकार भी परोक्ष रूप से आतंकवाद की समर्थक बनती जा रही है।

गृह मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
बिलावर (ब्यूरो)। कसबे में भी सैकड़ों भाजपाइयों ने पार्टी के मंडल प्रधान अमरीक सिंह के नेतृत्व में फिंतर चौक पर केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि जब तक शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अमरीक सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने हिंदु और भगवा आतंकवाद कह कर न केवल हिंदुओं और भगवा का अपमान किया है, बल्कि राष्ट्रभक्तों के सम्मान को भी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि भगवा रंग त्याग और बलिदान का प्रतीक है। भगवे रंग के झंडे तले ही आजादी की लड़ाई लड़ी गई, लेकिन आज एक खास वर्ग के वोट बैंक के लिए देश की अस्सी प्रतिशत आबादी की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने शिंदे को फौरन मंत्रिमंडल से बाहर नहीं किया तो पार्टी आंदोलन को और तेज कर देगी। इस अवसर पर सुरेंद्रपाल सिंह, वेदप्रकाश, गणेश बसोत्रा, गोपाल कृष्ण, सत्यपाल, शशीपाल, सीएल सपोलिया, जगन्नाथ सपोलिया, संजीव गुप्ता, सुदेश गुप्ता, राज सिंह, डॉ. देवेंद्र सिंह और अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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