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नया टोल प्लाजा तो मिला, राहत नहीं
Kathua
Updated Tue, 15 Jan 2013 05:31 AM IST
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कठुआ। राज्य का प्रवेशद्वार लखनपुर इन दिनों नई टोल प्लाजा की इमारत को लेकर चर्चा में है। तकभनीकी सुविधाओं से लैस इस इमारत को कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक बना दिया गया लेकिन रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को सुविधाओं के नाम पर फिलहाल कोरे आश्वासन ही मिले हैं। 42 करोड़ की लागत से बने टोल प्लाजा की इमारत से गुजरने के बाद वाहन चालकों को खस्ताहाल सड़क पर दुर्दशा के लिए भेजा जा रहा है।
नए टोल प्लाजा से सटे पार्किंग लाट से गुजरने वाले सैकड़ाें वाहन चालक सरकार की लापरवाही को लेकर खासे रोष में हैं। लाखों के वाहन को दुर्दशा के लिए खस्ताहाल सड़क से गुजारने को मजबूर चालकों की व्यथा सुनने वाला भी कोई नहीं है। आलम यह है कि नए रावी पुल से दाखिल होने वाले वाहनों को पार्किंग यार्ड से होते हुए रावी दरिया के किनारे कच्चे रास्ते पर उतार दिया जाता है। यह रास्ता नेशनल हाइवे पर रेलवे पुल के नजदीक मिलता है, लेकिन मात्र एक या दो किलोमीटर की यह दूरी वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
मार्ग को दुरुस्त करना भूल गई सरकार
अमर उजाला से बातचीत में वाहन चालक मोहम्मद सादिक, रहमान मलिक, बुआ दित्ता, रमेश, इरफान और परवेज ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकार ने नया टोल प्लाजा तो बनवा दिया, लेकिन वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बने इस मार्ग को दुरुस्त करना भूल गई। उन्होंने कहा कि लाखों की लागत से तैयार किए वाहनों की दुर्दशा होते देखना चालकों की मजबूरी बन गया है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। चालकाें ने बताया कि एक तरफ जहां कच्चे बदहाल सड़क मार्ग से वाहनों की आवाजाही से भारी नुकसान उठाना पड़ता है, वहीं वाहनों के मालिकों से भी फटकार सुननी पड़ती है। सरकार को राज्य के प्रवेशद्वार की डायवर्र्जन को भी दुरुस्त करना चाहिए।
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नए टोल प्लाजा से सटे पार्किंग लाट से गुजरने वाले सैकड़ाें वाहन चालक सरकार की लापरवाही को लेकर खासे रोष में हैं। लाखों के वाहन को दुर्दशा के लिए खस्ताहाल सड़क से गुजारने को मजबूर चालकों की व्यथा सुनने वाला भी कोई नहीं है। आलम यह है कि नए रावी पुल से दाखिल होने वाले वाहनों को पार्किंग यार्ड से होते हुए रावी दरिया के किनारे कच्चे रास्ते पर उतार दिया जाता है। यह रास्ता नेशनल हाइवे पर रेलवे पुल के नजदीक मिलता है, लेकिन मात्र एक या दो किलोमीटर की यह दूरी वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
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मार्ग को दुरुस्त करना भूल गई सरकार
अमर उजाला से बातचीत में वाहन चालक मोहम्मद सादिक, रहमान मलिक, बुआ दित्ता, रमेश, इरफान और परवेज ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकार ने नया टोल प्लाजा तो बनवा दिया, लेकिन वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बने इस मार्ग को दुरुस्त करना भूल गई। उन्होंने कहा कि लाखों की लागत से तैयार किए वाहनों की दुर्दशा होते देखना चालकों की मजबूरी बन गया है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। चालकाें ने बताया कि एक तरफ जहां कच्चे बदहाल सड़क मार्ग से वाहनों की आवाजाही से भारी नुकसान उठाना पड़ता है, वहीं वाहनों के मालिकों से भी फटकार सुननी पड़ती है। सरकार को राज्य के प्रवेशद्वार की डायवर्र्जन को भी दुरुस्त करना चाहिए।
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