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स्कूलों में औचक छापे से शिक्षकों में हड़कंप

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Kathua
Kathua Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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बिलावर। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी और काम काज का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को एसडीएम ने डिप्टी सीईओ के साथ विभिन्न सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान यहां अधिकतर स्कूलों के हेडमास्टर कैजुअल लीव पर पाए गए, वहीं कई टीचर अपनी ड्यूटि से गैरहाजिर मिले। लिहाजा मामले की गंभीरता को लेते हुए एसडीएम ने जेडईओ भडडू से तमाम गैरहाजिर पाए गए शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके नवंबर महीने के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए।
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सरकारी स्कूलों में हेडमास्टरों और शिक्षकों के लगातार गैरहाजिर रहने की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए शुक्रवार को एसडीएम डाक्टर विकास गुप्ता ने डिप्टी सीईओ सुशील कुमार शर्मा के साथ कई सरकारी स्कूलों का औचक निरिक्षण किया। गर्ल्स मिडिल स्कूल धर्मकोट में छापे के दौरान हेडमास्टर देवी स्वरूप कैजुअल लीव पर थे, लेकिन उन्होंने अपना आवेदन स्वीकृति के लिए जेडईओ के पास नहीं भेजा था। इसी स्कूल के दो टीचर पूर्णचंद और कुलभूषण शर्मा गैरहाजिर पाए गए। हाई स्कूल धर्मकोट में छापे के दौरान स्कूल का हेडमास्टर राजेंद्र प्रसाद भी कैजुअल लीव पर पाए गए। उनकी छुट्टी का आवेदन रिकार्ड में नहीं मिल सका। मिडिल स्कूल दरम्मनी में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, यहां स्कूल का हेडमास्टर मरूदीन कैजुअल लीव पर थे। लीव का आवेदन जेडईओ के पास नहीं भेजा गया था। जेडईओ भड्डू को निर्देश जारी करते हुए कहा कि वह ड्यूटि से गैरहाजिर पाए गए तमाम लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी करें और इस दौरान अगले आदेश तक उनका नवंबर महीने का वेतन जारी न किया जाए।
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