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...जहां स्कूल में बैठने पर सहमे रहते हैं बच्चे
Kathua
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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महानपुर। सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के दावों को गर्ल्स मिडिल स्कूल महानपुर ने खोखला साबित कर दिया है। वर्तमान में स्कूल में केवल तीन कमरे ही पक्के हैं, जबकि दूसरे टीन के कमरों की हालत बद से बदतर हो गई है। हालात यह है कि बच्चे उन कमरों में बैठने से डरते हैं।
स्कूल में कुल 130 के करीब छात्राएं विभिन्न कक्षाओं में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। हालांकि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को भी इस समस्या से अवगत करवाया जा चुका ह, लेकिन किसी भी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। स्थानीय सरपंच रंगील सिंह, शाम सिंह, संजय कुमार, देवेंद्र कुमार आदि ने बताया कि वर्तमान में स्कूल की इमारत की हालत खस्ता होने के चलते बारिश के दिनों में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही कई बार मजबूरी में स्कूल प्रशासन को बच्चों को छुट्टी करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पूर्व बनी इस इमारत की हालत बदतर होने से अब लगभग गिरने की कगार पर है। उन्होंने बताया कि बच्चों को पढ़ने में भारी परेशानी होती है। और अब सर्दियों के दिनों में तो यह समस्या ओर गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवा चुके हैं। लेकिन सकारात्मक नतीजा नहीं मिल रहा है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द बच्चों और स्कूल की इस इमारत की समस्या को दूर किया जाए। जिससे बच्चों की प्रभावित हो रही पढ़ाई फिर सुचारू हो सके।
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स्कूल में कुल 130 के करीब छात्राएं विभिन्न कक्षाओं में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। हालांकि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को भी इस समस्या से अवगत करवाया जा चुका ह, लेकिन किसी भी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। स्थानीय सरपंच रंगील सिंह, शाम सिंह, संजय कुमार, देवेंद्र कुमार आदि ने बताया कि वर्तमान में स्कूल की इमारत की हालत खस्ता होने के चलते बारिश के दिनों में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही कई बार मजबूरी में स्कूल प्रशासन को बच्चों को छुट्टी करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पूर्व बनी इस इमारत की हालत बदतर होने से अब लगभग गिरने की कगार पर है। उन्होंने बताया कि बच्चों को पढ़ने में भारी परेशानी होती है। और अब सर्दियों के दिनों में तो यह समस्या ओर गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवा चुके हैं। लेकिन सकारात्मक नतीजा नहीं मिल रहा है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द बच्चों और स्कूल की इस इमारत की समस्या को दूर किया जाए। जिससे बच्चों की प्रभावित हो रही पढ़ाई फिर सुचारू हो सके।
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