{"_id":"28-25654","slug":"Kathua-25654-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटिफाइड कमेटी न होने से बढ़ी दिक्कतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटिफाइड कमेटी न होने से बढ़ी दिक्कतें
Kathua
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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महानपुर। महानपुर कसबे को नोटिफाइड कमेटी का दर्जा न मिलने से कसबे में गंदगी ने अपना साम्राज्य कायम कर लिया है। ऐसे में लोगों को भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही कसबे को नोटिफाइड कमेटी का दर्जा दिया जाए, जिससे लोगाें को राहत मिल सके।
स्थानीय सरपंच रंगील सिंह, सदानंद शर्मा, देवेंद्र शर्मा, हिम्मत कुमार, ओमप्रकाश आदि ने कहा कि कसबे में लोगों को गंदगी से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नोटिफाइड कमेटी का दर्जा न होेने से गंदगी ने अपने पांव फैला दिए हैं। उन्होंने कहा कि कसबे काविस्तार होने के कारण अब जनसंख्या और गलियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का दर्जा न होने से कसबे की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
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उन्होंने का कि नालियों में कुडे़ के फंसे होने से पानी नालियों में ही रहता है। इससे मच्छरों की तादाद बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा कभी कभी स्वयं ही सफाई की जाती है या फिर बारिश के बाद ही नालियों से गंदगी निकल पाती है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि कसबे को नोटिफाइड कमेटी का दर्जा दिया जाए, जिससे सफाई के लिए फंड उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कसबे की सफाई का जिम्मा लेना चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
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स्थानीय सरपंच रंगील सिंह, सदानंद शर्मा, देवेंद्र शर्मा, हिम्मत कुमार, ओमप्रकाश आदि ने कहा कि कसबे में लोगों को गंदगी से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि नोटिफाइड कमेटी का दर्जा न होेने से गंदगी ने अपने पांव फैला दिए हैं। उन्होंने कहा कि कसबे काविस्तार होने के कारण अब जनसंख्या और गलियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का दर्जा न होने से कसबे की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
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उन्होंने का कि नालियों में कुडे़ के फंसे होने से पानी नालियों में ही रहता है। इससे मच्छरों की तादाद बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा कभी कभी स्वयं ही सफाई की जाती है या फिर बारिश के बाद ही नालियों से गंदगी निकल पाती है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि कसबे को नोटिफाइड कमेटी का दर्जा दिया जाए, जिससे सफाई के लिए फंड उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कसबे की सफाई का जिम्मा लेना चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।