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पीएचई कार्यालय छाबनी में तब्दील
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कठुआ। बकाया वेतन और नियमित करने की मांग कर रहे सीपी वर्कर्स की दो दिन पूर्व आत्मदाह करने की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने शुक्रवार को पीएचई कार्यालय को छावनी में बदल दिया। सुबह से ही बड़े अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस के करीब दो दर्जन कर्मचारी पीएचई कार्यालय को घेरा बनाकर जमे रहे। वहीं पीएचई सीपी वर्कर्स ने भी कार्यालय में जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। एक महीने का वेतन जारी किया गया है, लेकिन मेकेनिकल विंग के अधिकारी नहीं दे रहे हैं। बार-बार आश्वासन देकर टाला जा रहा है।
शुक्रवार को पीएचई कार्यालय में डीएसपी मुख्यालय निखिल रसगोत्रा के साथ-साथ थाना प्रभारी कठुआ अरविंद्र संबयाल और करीब दो दर्जन पुलिस कर्मचारियों ने पीएचई कार्यालय को घेर लिया। दो दिन पूर्व सीपी वर्कर्स की ओर से आत्मदाह करने की चेतावनी के मद्देनजर ऐसा किया गया। पुलिस बल को देखते हुए पीएचई सीपी वर्कर्स ने कार्यालय में धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया।
यूनियन प्रधान शिव नारयाण सिंह ने कहा कि इतने दिनों के संघर्ष के बाद उनके लिए केवल एक महीने का वेतन जारी किया गया है। मगर इसमें भी केवल सिविल विंग की ओर से वेतन मिला है। मेकेनिकल विंग की ओर से उन्हें बार-बार गुमराह किया जा रहा है। पहले भी जब एक बार वेतन आया तो विभाग की ओर से प्रति दिन 225 रुपये के हिसाब से पैसे देने के बजाए 150 के हिसाब से दिए गए। लेकिन अब तो पैसे दिए ही नहीं जा रहे। उन्होंने एक बार फिर आत्मदाह करने की चेतावनी दी तो पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया, जिस पर हंगामा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उनकी लड़ाई विभाग से है। इसमें पुलिस को शामिल होने की जरूरत नहीं है।
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डीएसपी निखिल रसगोत्रा ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और विभाग के एईई के साथ भी बात की। एईई ने बताया कि डीडीओ शुक्रवार को छुट्टी पर है। शनिवार को उनके आते ही पैसा डाल दिया जाएगा। इस पर वर्कर्स ने कहा कि 23 अप्रैल से पैसा आया है, लेकिन अभी तक टाल मटोल किया जा रहा है। बच्चों को भी पढ़ने का हक है। जब सिविल विंग की ओर से पैसा डाल दिया गया तो दूसरे विंग में इतने दिन क्यों लग रहे हैं। साफ है कि अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। करीब एक घंटे तक हुई तीखी बहसबाजी के बाद अधिकारियों ने शनिवार को पैसा डालने का आश्वासन दिया। पीएचई कर्मचारियों ने फिर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन के भीतर पैसा नहीं आया तो उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उधर, जब तक पीएचई सीपी वर्कर्स कार्यालय में धरने पर बैठे रहे पुलिस बल ने कार्यालय को छावनी में तबदील कर रखा। शाम को वर्कर्स के साथ पुलिस बल कार्यालय से हटे।
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शुक्रवार को पीएचई कार्यालय में डीएसपी मुख्यालय निखिल रसगोत्रा के साथ-साथ थाना प्रभारी कठुआ अरविंद्र संबयाल और करीब दो दर्जन पुलिस कर्मचारियों ने पीएचई कार्यालय को घेर लिया। दो दिन पूर्व सीपी वर्कर्स की ओर से आत्मदाह करने की चेतावनी के मद्देनजर ऐसा किया गया। पुलिस बल को देखते हुए पीएचई सीपी वर्कर्स ने कार्यालय में धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया।
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यूनियन प्रधान शिव नारयाण सिंह ने कहा कि इतने दिनों के संघर्ष के बाद उनके लिए केवल एक महीने का वेतन जारी किया गया है। मगर इसमें भी केवल सिविल विंग की ओर से वेतन मिला है। मेकेनिकल विंग की ओर से उन्हें बार-बार गुमराह किया जा रहा है। पहले भी जब एक बार वेतन आया तो विभाग की ओर से प्रति दिन 225 रुपये के हिसाब से पैसे देने के बजाए 150 के हिसाब से दिए गए। लेकिन अब तो पैसे दिए ही नहीं जा रहे। उन्होंने एक बार फिर आत्मदाह करने की चेतावनी दी तो पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया, जिस पर हंगामा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उनकी लड़ाई विभाग से है। इसमें पुलिस को शामिल होने की जरूरत नहीं है।
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डीएसपी निखिल रसगोत्रा ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और विभाग के एईई के साथ भी बात की। एईई ने बताया कि डीडीओ शुक्रवार को छुट्टी पर है। शनिवार को उनके आते ही पैसा डाल दिया जाएगा। इस पर वर्कर्स ने कहा कि 23 अप्रैल से पैसा आया है, लेकिन अभी तक टाल मटोल किया जा रहा है। बच्चों को भी पढ़ने का हक है। जब सिविल विंग की ओर से पैसा डाल दिया गया तो दूसरे विंग में इतने दिन क्यों लग रहे हैं। साफ है कि अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। करीब एक घंटे तक हुई तीखी बहसबाजी के बाद अधिकारियों ने शनिवार को पैसा डालने का आश्वासन दिया। पीएचई कर्मचारियों ने फिर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन के भीतर पैसा नहीं आया तो उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उधर, जब तक पीएचई सीपी वर्कर्स कार्यालय में धरने पर बैठे रहे पुलिस बल ने कार्यालय को छावनी में तबदील कर रखा। शाम को वर्कर्स के साथ पुलिस बल कार्यालय से हटे।