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दो महीने में दो बार मिला पानी, लोगों ने अधिकारी से की शिकायत
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:44 AM IST
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कठुआ। दो महीने से पानी को तरस रहे कलसपुर गांव के लोगों ने सोमवार को पीएचई विभाग के अधिकारियों से भेंट कर समस्या से अवगत करवाया। महिलाओं ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगी।
शिष्टमंडल में शामिल रेखा रानी, प्रेम लता ने कहा कि पिछले दो महीनों में दो बार ही उन्हें पानी नसीब हो पाया है। बाकि के दिन उन्हें परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि गांव में सौ के करीब घर हैं और इसके बावजूद इतनी आबादी के लिए विभाग पानी मुहैया नहीं करवा पा रहा है। उन्होंने कहा कि कितनी ही बार वह अपने पैसों से पानी के टैंकर मंगवाएंगे। उन्होंने कहा कि हर कोई हर सप्ताह में पानी का टैंकर नहीं मंगवा सकता है। विभाग को इस बात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग के पास केवल एक ही बहाना होता है कि उनके कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि दो महीने पूर्व तो कोई हड़ताल नहीं थी तो विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि पानी की पाइप के जोड़ लीक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी कैसे मुहैया करवाना है यह जिम्मेदारी विभाग की है। लेकिन विभाग इस जिम्मदारी नहीं विभाग रहा और बार बार आश्वासन देकर उनके सब्र की परीक्षा न ले। उन्होंने कहा कि अगर आश्वासनों के दम पर समस्या का टालना है तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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शिष्टमंडल में शामिल रेखा रानी, प्रेम लता ने कहा कि पिछले दो महीनों में दो बार ही उन्हें पानी नसीब हो पाया है। बाकि के दिन उन्हें परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि गांव में सौ के करीब घर हैं और इसके बावजूद इतनी आबादी के लिए विभाग पानी मुहैया नहीं करवा पा रहा है। उन्होंने कहा कि कितनी ही बार वह अपने पैसों से पानी के टैंकर मंगवाएंगे। उन्होंने कहा कि हर कोई हर सप्ताह में पानी का टैंकर नहीं मंगवा सकता है। विभाग को इस बात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग के पास केवल एक ही बहाना होता है कि उनके कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि दो महीने पूर्व तो कोई हड़ताल नहीं थी तो विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि पानी की पाइप के जोड़ लीक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी कैसे मुहैया करवाना है यह जिम्मेदारी विभाग की है। लेकिन विभाग इस जिम्मदारी नहीं विभाग रहा और बार बार आश्वासन देकर उनके सब्र की परीक्षा न ले। उन्होंने कहा कि अगर आश्वासनों के दम पर समस्या का टालना है तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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