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सीपी वर्कर्स ने किया प्रदर्शन
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बसोहली। पीएचई विभाग के सीपी वर्कर्स ने वर्षों से लंबित मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में विभाग के प्रति रोष जताया है। एसोसिएशन के प्रधान महादेव सिंह ने कहा कि पिछले 52 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। राज्यपाल शासन में उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनके मसले हल होंगे, मगर उनके हाथ निराशा के अलावा कुछ नहीं लगा।
मोहिंदर कुमार, सुरेंद्र, जाकिर हुसैन, बलवंत राज, जोगिंद्र सिंह आदि ने बताया कि आमदनी का कोई साधन न होने और वेतन न मिलने की सूरत में उनके लिए तो अपने बच्चों को पढ़ाना तक मुश्किल हो गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन क्या उपजिला बसोहली में कोई ऐसा स्कूल है जो उनके बच्चों को बिना फीस के पढ़ा सकता है। सीपी वर्कर्स ने बताया कि उनके परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल है। इसके बावजूद सरकार ने उनकी सैलरी बढ़ाने और उन्हें रेगुलर करने पर कोई कदम नहीं उठाए है, सैलरी न मिलने पर अपने परिवार का न तो भरण-पोषण कर सकते हैं और न अपने बच्चों को ठीक से पढ़ा सकते हैं। उन्होंने मांग की कि उनका बकाया जारी करे और उन्हें रेगुलर किया जाए, ताकि वे उधार पर चल रही जिंदगी को पटरी पर ला सकें।
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मोहिंदर कुमार, सुरेंद्र, जाकिर हुसैन, बलवंत राज, जोगिंद्र सिंह आदि ने बताया कि आमदनी का कोई साधन न होने और वेतन न मिलने की सूरत में उनके लिए तो अपने बच्चों को पढ़ाना तक मुश्किल हो गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन क्या उपजिला बसोहली में कोई ऐसा स्कूल है जो उनके बच्चों को बिना फीस के पढ़ा सकता है। सीपी वर्कर्स ने बताया कि उनके परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल है। इसके बावजूद सरकार ने उनकी सैलरी बढ़ाने और उन्हें रेगुलर करने पर कोई कदम नहीं उठाए है, सैलरी न मिलने पर अपने परिवार का न तो भरण-पोषण कर सकते हैं और न अपने बच्चों को ठीक से पढ़ा सकते हैं। उन्होंने मांग की कि उनका बकाया जारी करे और उन्हें रेगुलर किया जाए, ताकि वे उधार पर चल रही जिंदगी को पटरी पर ला सकें।
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