फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   40 tonnes of garbage is thrown daily on the banks of Ravi river

रावी दरिया किनारे रोजाना फेंका जाता है 40 टन कचरा

विज्ञापन
40 tonnes of garbage is thrown daily on the banks of Ravi river
हाइवे स्थित पुलों के आसपास लग रहा कचरे और गंदगी का ढेर। संवाद - फोटो : KATHUA
कठुआ। देशभर में स्वच्छता ही सेवा के नाम से व्यापक स्तर पर जहां अभियान चलाए जा रहा हैं। वहीं इसे विडंबना कहें या लापरवाही की बीते 15 साल से कठुआ शहर की कचरा प्रबंधन योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन शहर से 40 टन कचरा एकत्रित किया जाता है जो रावी और मग्गर खड्ड के किनारे खुले में फेंक दिया जाता है। सालिड वेस्ट मेनेजमेंट के नाम से तैयार होने वाली योजना के अधर में लटकने से खुले में पड़ा यह कचरा व्यापक स्तर पर शहर के माहौल में प्रदूषण का एक बड़ा कारण भी है। क्योंकि इस कचरे को पिछले कई वर्षों से रोजाना फेंके जाने के बाद आग लगा दी जाती है। लाखों टन कचरे के ढेर से आसपास के इलाके में दुर्गंध बुरी तरह से फैल जाती है।
विज्ञापन

मामले का जम्मू कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण कमेटी ने कड़ा संज्ञान लिया है। लगातार दो नोटिस भेजे जाने के बाद भी उचित जवाब न मिलने और कचरा प्रबंधन के लिए उचित कार्रवाई न किए जाने पर अब नगर परिषद कठुआ को फाइनल नोटिस जारी कर दिया गया है। उधर, प्रदूषण निदेशालय की अनुशंसा पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार जुर्माना लगाए जाने की भी चेतावनी दी गई है। साथ ही म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट एक्ट 2016 के तहत पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने पर कानूनी कार्रवाई किए जाने के संबंध में भी नोटिस में फाइनल नोटिस जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन

कठुआ शहर की ओर से उगले कचरे के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल जहां 15 हजार टन कचरा खुले में फेंका जा रहा है तो वहीं पिछले 15 वर्षों में लगभग सवा दो लाख टन कचरा कठुआ शहर से सटे जलस्रोतों के किनारे या फिर खुले में फेंका जा चुका है। स्वाभाविक है कि जबतक कचरे से निपटने का प्रबंध नहीं होगा तब तक सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को अमल में लाना और जमीनी हकीकत बना पाना भी मुनासिब नहीं है। वर्ष 2004 में केंद्र सरकार ने यूआईडीएसएसएमटी स्कीम के तहत कठुआ के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट मंजूर किया था। इसके लिए बाकायदा लगभग डेढ़ करोड़ की भारी भरकम राशि भी मंजूर की गई लेकिन प्रक्रिया वर्षों तक लटकती चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

................
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चाबुक के बाद अब जागा तंत्र
70 लाख की डीपीआर तैयार, अब मंजूरी का इंतजार
शहर से सटे बेड़ियां पत्तन इलाके में 49 कनाल जमीन को पिछले कई वर्षों से चिह्नित किए जाने के बाद बाकायदा इसे लेकर एनओसी भी जारी हो चुकी है। लेकिन सरकारी कामकाज कछुआ चाल चलता रहा। आखिरकार प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के चाबुक के बाद तंत्र ने काम करना शुरू कर दिया है, जिससे शहर को आने वाले समय में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन के लिए आखिरकार शहर की 70 लाख की कचरा प्रबंधन योजना को अब तैयार कर लिया गया है। इसे मंजूरी के लिए भी भेजा जा चुका है।

नगर परिषद कठुआ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल ने बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए परियोजना की डीपीआर बनकर तैैयार है। इसके अंतर्गत बेड़िया पत्तन में चिह्नित 49 कनाल जमीन पर एक शेड बनाया जाएगा जिसके साथ ही वैज्ञानिक तरीके से कचरे के प्रबंधन के लिए 20 गड्ढे भी बनाए जाएंगे। बताया कि प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से फाइनल नोटिस जारी कर दिया गया है जिसके जवाब में कुछ समय और मांगा गया है। उन्होंने बताया कि रावी दरिया किनारे लगे कचरे के ढेर और पीछे कर दिए गए हैं और इसके लिए टेंडर लगाने की तैयारी कर ली गई है ताकि इसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed