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विकास से कोसों दूर हैं कई गांव
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बसोहली। आजादी के सात दशक बीत जाने के बावजूद बसोहली सब डिवीजन के दूरदराज के कई गांवों में विकास की रोशनी नहीं पहुंची है। ऐसी ही एक पंचायत है जानू। इस पंचायत का तीन नंबर वार्ड करीब दो किलोमीटर के दायरे में फैला है। यहां तक पहुंचने के लिए तंग, कच्चे और ऊबड़-खाबड़ मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
क्षेत्र के नागरिक संजय राजदान, इंसार अली, मंजूर अहमद, कमरदीन, मोहम्मद दीन आदि ने बताया कि उनके इलाके में आदिम समाज जैसी ही आवाजाही होती है। सड़कें हैं नहीं, तो पथरीले रास्तों से लोग आवाजाही करते हैं। बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि नेता यहां इसलिए नहीं विकास करवाते, ताकि वे गरीबी और पिछड़ेपन की राजनीतिक रोटियां सेेंक सकें। यहां आज भी कोई बीमार हो जाता है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाना हो, तो गांव के दर्जन भर व्यक्ति उसे पालकी से अस्पताल ले जाते हैं। कई बार समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने पर बीमार व्यक्ति की हालत काफी खराब हो गई। ऐसे में राज्यपाल को इस इलाके के विकास के लिए कदम उठाने चाहिए।
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क्षेत्र के नागरिक संजय राजदान, इंसार अली, मंजूर अहमद, कमरदीन, मोहम्मद दीन आदि ने बताया कि उनके इलाके में आदिम समाज जैसी ही आवाजाही होती है। सड़कें हैं नहीं, तो पथरीले रास्तों से लोग आवाजाही करते हैं। बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि नेता यहां इसलिए नहीं विकास करवाते, ताकि वे गरीबी और पिछड़ेपन की राजनीतिक रोटियां सेेंक सकें। यहां आज भी कोई बीमार हो जाता है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाना हो, तो गांव के दर्जन भर व्यक्ति उसे पालकी से अस्पताल ले जाते हैं। कई बार समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने पर बीमार व्यक्ति की हालत काफी खराब हो गई। ऐसे में राज्यपाल को इस इलाके के विकास के लिए कदम उठाने चाहिए।
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