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कई इलाकों में जुगाड़ से चल रहा काम

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कई इलाकों में जुगाड़ से चल रहा काम
कठुआ। केंद्र व प्रदेश सरकारें भले ही बिजली पर करोड़ों रुपया खर्च होने का दावा कर रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बनी और मल्हार के इलाकों में आज भी बिजली की सप्लाई लकड़ी के खंभों से हो रही है। कई इलाके तो ऐसे भी हैं जहां खंभा न हो तो पेड़ से ही काम चला दिया गया है। और जहां बिजली का कंडक्टर न हो वहां क्रेट वॉयर ही चल पड़ती है। यह हाल तब है जब केंद्र सरकार हर घर बिजली और चौबीस घंटे बिजली के लोगों को बड़े बड़े सपने दिखा रही है।
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बनी के रौलका, दौलका, डुग्गन, पनेली और लोआंग के इलाके हो या फिर लोहाई मल्हार, बग्गन, बांजल बटवाल आदि का इलाके में आज भी कई सौ खंभे लकड़ी के हैं। जानकारों की मानें तो एक लकड़ी के खंभे की अधिकतम उम्र बीस साल के लगभग रहती है लेकिन बनी के इलाके में लगे खंभे तो तीन दशक से भी पुराने हो चुके हैं। यही वजह है कि जरा सी आंधी तूफान या बारिश हो तो बिजली गुल और फिर कई कई दिनों तक बहाल करने के लिए विभाग को भी मशक्कत करनी पड़ती है। हालात तब और भी खराब होते हैं जब इलाका बनी के जैसा हो। जहां आबादी दूर दराज के गांव में होती है और एक ही लाइन मैन के पास दस से पंद्रह ट्रांस्फार्मरों की जिम्मेदारी हो। बनी में वर्तमान में सोलह लाइनमैन काम कर रहे हैं लेकिन ट्रांसफार्मर ढाई सौ के लगभग हैं। यानी ढांचा बढ़ता गया और कर्मियों की संख्या उतनी ही रही। विभागीय अधिकारियों की मानें तो सौभाग्य योजना के तहत बिजली के खंभे और तारें बदले जाने का प्रावधान रखा गया है लेकिन यह योजना भी लोगों का सौभाग्य कब बदलेगी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बर्फबारी के दिनों में महीनों तक बिजली सप्लाई गुल रहती है। कमोवेश ऐसी ही स्थिति बरसात और आंधी तूफान के दिनों में भी रहती है। यह इलाके ऐसे हैं जहां मौसम का कोई अनुमान नहीं है। लोग आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
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खुले में रखे ट्रांसफार्मर से हादसे की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
बिलावर। मुख्य बाजार के श्री परोल इलाके में खुले में लगाया गया ट्रांसफार्मर हादसों का न्यौता दे रहा है। ट्रांसफार्मर के आसपास न तो तारबंदी की गई है और न ही इस ट्रांसफार्मर को लोगों की पहुंच से दूर रखा गया है। लिहाजा लगातार हादसों की आशंका बनी रहती है। लावारिस मवेशी हों या नजदीक से गुजरते राहगीर, लगातार हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

नगर कमेटी बिलावर के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने बताया कि बिलावर के मुख्य बाजार में श्री परोल में बिजली विभाग ने जो ट्रांसफार्मर लगाया है उसके आसपास ना तो विभाग ने तारबंदी की है और ट्रांसफार्मर में लगाई गई केवल की तारें जल गई हैं, जिसके कारण कोई भी करंट की चपेट में आ सकता है। उन्होंने बताया कि कई बार इस बारे में अधिकारियों को बताया है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। विभाग भी किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने बिजली विभाग से जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर की जली हुई केबल को बदलकर ट्रांसफार्मर के पास तारबंदी करने की मांग की है।
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