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ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में पहुंच रहा घटिया सरकारी राशन,
Updated Thu, 13 Sep 2018 01:16 AM IST
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कठुआ। सरकारी मदद के तौर पर लोगों को सस्ते सरकारी राशन की एवज में लगातार घटिया राशन सप्लाई किए जाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। कुछ सप्ताह पहले जहां बसोहली, बिलावर और आसपास के इलाकों में घटिया राशन सप्लाई होने के बाद कई ट्रक राशन वापस किया गया था। अब नया मामला बनी के दूरदराज संदरूण इलाके से सामने आया है। स्थानीय लोगों को तीन माह बाद सरकारी कोटे का आटा मिलना शुरू हुआ तो उसकी हालत देख जिन लोगों ने उसे लिया था वे भी वापस कर गए।
स्थानीय लोगों की मानें तो काले रंग का और मोटा आटा सप्लाई हो रहा है। आटे से बदबू भी आ रही है। जिन लोगों ने मंगलवार को स्टोर से राशन हासिल किया उन्होंने पेट खराब होने की शिकायत भी की। बुधवार को स्टोर पर पहुंचे लोगों ने कड़ा रोष जताया और सरकार से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय निवासी भूषण, ज्ञान चंद, रत्न चंद, इशर दास, राजेश कुमार, मोहिंद्र सिंह, गणेश आदि ने बताया कि संदरूण पंचायत जैसे दूर दराज इलाके के लिए खाद्य, नागरिक आपूती और उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से तीन माह बाद राशन भेजा गया। हैरत की बात है कि जहां कई अधिकारियों की जांच के बाद कठुआ की एक मिल से राशन को सप्लाई किया जाता है वहीं लोगों को खाने के लिए दिया जा रहा राशन खाने लायक ही नहीं है। ऐसा आटा खाने से किसी का भी बिमार पड़ना स्वभाविक है। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम बनी को भी लिखित शिकायत की है जिसके बाद 34 क्विंटल राशन को वापस कर दिया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि अभी भी ऐसा 150 क्विंटल राशन बनी के विभिन्न इलाकों में सप्लाई के लिए आया हुआ है। उन्होंने मिल में विभाग की ओर से बैठाए गए अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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स्थानीय लोगों की मानें तो काले रंग का और मोटा आटा सप्लाई हो रहा है। आटे से बदबू भी आ रही है। जिन लोगों ने मंगलवार को स्टोर से राशन हासिल किया उन्होंने पेट खराब होने की शिकायत भी की। बुधवार को स्टोर पर पहुंचे लोगों ने कड़ा रोष जताया और सरकार से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय निवासी भूषण, ज्ञान चंद, रत्न चंद, इशर दास, राजेश कुमार, मोहिंद्र सिंह, गणेश आदि ने बताया कि संदरूण पंचायत जैसे दूर दराज इलाके के लिए खाद्य, नागरिक आपूती और उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से तीन माह बाद राशन भेजा गया। हैरत की बात है कि जहां कई अधिकारियों की जांच के बाद कठुआ की एक मिल से राशन को सप्लाई किया जाता है वहीं लोगों को खाने के लिए दिया जा रहा राशन खाने लायक ही नहीं है। ऐसा आटा खाने से किसी का भी बिमार पड़ना स्वभाविक है। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम बनी को भी लिखित शिकायत की है जिसके बाद 34 क्विंटल राशन को वापस कर दिया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि अभी भी ऐसा 150 क्विंटल राशन बनी के विभिन्न इलाकों में सप्लाई के लिए आया हुआ है। उन्होंने मिल में विभाग की ओर से बैठाए गए अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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