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आश्वासन के हथियार से सरकार वर्कर्स को देती रही धोखा
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कठुआ। पीएचई सीपी वर्कर्स ने कहा है कि सरकार आश्वासन देकर कर्मचारियों से धोखा करती रही है। आश्वासन के हथियार से वह कर्मचारियों की हड़ताल पहले खत्म करवाती है और बाद में अपने वादे को भूल जाती है। उन्होंने अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी कहा है कि वे सरकार के इस हथियार से सावधान रहें। शनिवार को बकाया वेतन और स्थायी करने की मांग पर अपने धरने के दौरान पीएचई सीपी वर्कर्स ने कर्मचारियों को सावधान करते हुए कहा कि वे किसी कीमत पर सरकार के ऐसे झांसों में नहीं आने वाले हैं। बार-बार के ऐसे आश्वासनों से तंग आकर ही वे तीन माह बाद हड़ताल पर अड़े हुए हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
सब डिवीजन कार्यालय कठुआ में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिव नारायण सिंह ने कहा कि उन्हें दिवाली से पूर्व कम से कम चार महीने का वेतन देने का भी आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें एक दिन का भी वेतन भी नहीं दिया गया। कठुआ जिले में ही 1300 कर्मचारियों का 31 करोड़ का बकाया वेतन जारी नहीं किया गया है। एसआरओ 520 के तहत उन्हें स्थायी करने के लिए भी कोई योजना नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि जब सरकार टूटने वाली थी तो उन्हें एसआरओ 520 की अफवाह फैलाई गई। इसके तहत उन्हें स्थायी करने का प्रलोभन दिया गया लेकिन अब तक उन्हें स्थायी करने के लिए कुछ नहीं किया गया। बार-बार उन्हें फाइलें बनाकर दफ्तर में जमा करवाने को कहा गया, लेकिन न तो फाइलों का अब पता है और न ही एसआरओ 520 का। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वह इस प्रकार धरना करेंगे और हड़ताल भी करेंगे।
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सब डिवीजन कार्यालय कठुआ में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिव नारायण सिंह ने कहा कि उन्हें दिवाली से पूर्व कम से कम चार महीने का वेतन देने का भी आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें एक दिन का भी वेतन भी नहीं दिया गया। कठुआ जिले में ही 1300 कर्मचारियों का 31 करोड़ का बकाया वेतन जारी नहीं किया गया है। एसआरओ 520 के तहत उन्हें स्थायी करने के लिए भी कोई योजना नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि जब सरकार टूटने वाली थी तो उन्हें एसआरओ 520 की अफवाह फैलाई गई। इसके तहत उन्हें स्थायी करने का प्रलोभन दिया गया लेकिन अब तक उन्हें स्थायी करने के लिए कुछ नहीं किया गया। बार-बार उन्हें फाइलें बनाकर दफ्तर में जमा करवाने को कहा गया, लेकिन न तो फाइलों का अब पता है और न ही एसआरओ 520 का। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वह इस प्रकार धरना करेंगे और हड़ताल भी करेंगे।
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